मणिमहेश यात्रा के लिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीसी चंबा।
भगवान भोले की मणिमहेश यात्रा-2026 के लिए इस वर्ष सभी श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। DC चंबा मुकेश रेपस्वाल ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। बिना पंजीकरण आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने क
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बता दें कि बीते साल मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी बारिश और बादल फटने से 25 हजार से ज्यादा लोग फंस गए थे। जिन्हें निकालने में सरकार को पांच से छह दिन लग गए थे। इस दौरान 15 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने इस बात बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को नहीं भेजने का निर्णय लिया है।
DC ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक वेबसाइट www.manimaheshyatra.hp.gov.in पर शुरू होगी। प्रत्येक श्रद्धालु को 50 रुपए पंजीकरण शुल्क देना होगा। पंजीकरण के बाद जारी होने वाली पर्ची पर एक QR कोड होगा, जिसमें श्रद्धालु का पूरा विवरण दर्ज रहेगा। इससे यात्रा मार्ग पर सत्यापन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। पर्ची पर आपातकालीन सहायता नंबर, यात्रा संबंधी दिशा-निर्देश और आवश्यक सावधानियां भी अंकित होंगी।

मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालु। -फाइल फोटो
लाहडू और कलसुंई में पंजीकरण केंद्र स्थापित होंगे
यात्रा मार्ग पर लाहडू और कलसुंई में पंजीकरण निरीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर प्रत्येक श्रद्धालु के पंजीकरण का सत्यापन अनिवार्य होगा। डीसी ने पुलिस विभाग को निरीक्षण केंद्रों पर यातायात और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ADM भरमौर को प्रचार-प्रसार करने के निर्देश
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर को सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से पंजीकरण प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। डीसी ने पिछले साल के अनुभवों की समीक्षा की गई और सभी एसडीएम को यात्रा से जुड़ी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।
एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी, जबकि नेट जैन कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक गौरव गुप्ता ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया का डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया।
