![]()
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में शुक्रवार को धर्मशाला ब्लॉक कांग्रेस ने शहर में रोष मार्च निकाला। यह मार्च प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र जग्गी के नेतृत्व में निकाला गया। जिसमें कांग्रेस नेताओं, विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, संविधान और युवाओं के अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए, साथ ही केंद्र सरकार से छात्रों के साथ न्याय करने की मांग की। लोकतंत्र में अपनी बात रखना सभी का अधिकार : कांग्रेस नेता मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। नेताओं ने जोर दिया कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने को कहा। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर बिना शर्त तुरंत वापस लेने की मांग भी उठाई गई। नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को दमन के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए। यहां देखें कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें… लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों, निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करता है। नेताओं ने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की। शांति मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
Source link
धर्मशाला में कांग्रेस नेताओं ने निकाला रोष मार्च:दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध, प्रधानमंत्री से माफी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
