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ऊना जिले में कानून व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक तकनीकी निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। जिले भर में 548 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इस हाईटेक सुरक्षा कवच पर 12.50 करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए गए हैं। यह पहल उपायुक्त ऊना जतिन लाल की देखरेख में सामर्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई है। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर सहयोग से इस आधुनिक कैमरा नेटवर्क को स्थापित किया गया है। पुलिस और अन्य विभागों के समन्वय से भी निगरानी तंत्र का विस्तार किया गया है। 50 स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन इस व्यवस्था के तहत ऊना, बंगाणा, मेहतपुर, अंब और चिंतपूर्णी सहित 50 स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली लगाई गई है। प्रत्येक स्थान पर दो एएनपीआर और दो एविडेंस कैमरे स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऊना शहर में 100 कैमरे (एएनपीआर, एविडेंस और पीटीजेड) कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संचालित किए जा रहे हैं। जिले में आठ स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और 30 स्थानों पर व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड साइनेज भी स्थापित किए गए हैं। बंगाणा में 32 और गगरेट में 16 आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर हरोली में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की पहल और जिला प्रशासन के समन्वय से एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर विकसित किया गया है। इस केंद्र के तहत 200 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जो क्षेत्र की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ‘सामर्थ्य’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकास के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक निगरानी तंत्र से अपराध नियंत्रण, त्वरित जांच और सड़क सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
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ऊना में 548 CCTV कैमरों से हो रही निगरानी:खर्च किए गए 12.50 करोड़ रुपए, आठ स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
