Headlines

सिंधी समाज के कार्यक्रम में पहले बजेगा छत्तीसगढ़ी राजगीत:90 पंचायत के मुखियाओं ने लिया फैसला, अध्यक्ष बोले- धर्मांतरण-लव जिहाद रोकने पर रहेगा जोर




छत्तीसगढ़ पूज्य सिंधी पंचायत के प्रदेश स्तरीय मुखी संवाद में समाज से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कार्यक्रम में प्रदेश की करीब 90 पंचायतों के मुखिया और लगभग 600 मेंबर शामिल हुए। चर्चा में तय किया गया कि अब सिंधी समाज के हर बड़े कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ी राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ से होगी। वहीं समाज में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने और ठोस योजना बनाने पर भी सहमति बनी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा मौजूद रहे। शुरुआत भगवान झूलेलाल की आरती और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्थानीय पंचायतें होती हैं। उन्होंने सिंधी समाज को सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित समाज बताते हुए उम्मीद जताई कि मुखी संवाद से समाज के विकास के लिए नई कार्ययोजना बनेगी। महिला विंग और युवा विंग होगा अनिवार्य पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी और प्रवक्ता गौरव मंधानी ने बताया कि प्रदेश में कुल 128 सिंधी पंचायतें धर्म, संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए काम कर रही हैं। संवाद में युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, समाज की एकता और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। सभी पंचायतों में महिला विंग और युवा विंग को अनिवार्य बनाने का सुझाव भी सामने आया। दरयानी ने बताया कि धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों को रोकने के लिए समाज को जागरूक करना जरूरी है। इस विषय पर अलग-अलग पंचायतों से सुझाव लिए गए, जिन्हें आगे लागू करने की बात कही गई। सामाजिक कार्यों की दी गई जानकारी अमित चिमनानी ने कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों के लिए चल रहे सामाजिक कार्यों की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही समाज के लिए एक भव्य भवन, छात्रावास और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर भी काम करने पर जोर दिया गया। समाज में महिला विंग अकेली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दे रही है। किशोरियों को गुड टच और बैड टच की जानकारी दी जा रही है। वहीं सिंधी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए साप्ताहिक फिल्म फेस्टिवल और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। मुखी संवाद में बिलासपुर के विनोद मेघानी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बनाने की जरूरत बताई। समाजसेवी प्रकाश ग्वालानी ने कहा कि समाज को किसी भी हालत में बंटने नहीं देना चाहिए और मतभेद बातचीत से दूर करने चाहिए। कार्यक्रम में प्रदेशभर के कई मुखी, पदाधिकारी और समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में महासचिव बलराम आहूजा ने आभार व्यक्त किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *