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भास्कर अपडेट्स:एक करोड़ का इनामी नक्सली गिरफ्तार, झारखंड के धनबाद से मिसिर बेसरा पकड़ा गया




झारखंड पुलिस ने धनबाद जिले से शीर्ष नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया है। बेसरा पर एक करोड़ रुपए से अधिक का इनाम घोषित था। उसके साथ माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मेहनत उर्फ मोच्छू और गौरव को भी अरेस्ट किया गया है। मंगलवार देर शाम कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। आज की अन्य बड़ी खबरें… NEET प्रदर्शन केस में सभी को जमानत, बंगाल सरकार बोली- छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी कोलकाता की एक अदालत ने मंगलवार को NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार सभी 16 आरोपियों को जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह हिंसा 24 जुलाई को सियालदह स्टेशन से मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड तक वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से निकाले गए NEET पेपर लीक विरोध मार्च के दौरान हुई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने पत्रकारों पर हमला किया, जिसमें कई पत्रकार घायल हो गए। इंडियाबुल्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा-जांच एजेंसियों की भूमिका बेहद संदिग्ध इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल) से जुड़े कथित संदिग्ध लेनदेन की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई और दिल्ली ईओडब्ल्यू को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों का रवैया चौंकाने वाला और बेहद संदिग्ध है। ऐसा लगता है कि वे मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहतीं। बेंच ने सीबीआई और ईओडब्ल्यू को दो सप्ताह के भीतर जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। डार्क वेब पर 7.66 लाख में डीआरडीओ से जुड़ा 31 जीबी गोपनीय डेटा बिक रहा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ से जुड़ा करीब 31 जीबी डेटा डार्क वेब पर 7.66 लाख रुपए में बिक रहे होने का दावा किया गया है। तिरुवनंतपुरम की साइबर इंटेलिजेंस फर्म एलिबी ग्लोबल ने यह जानकारी दी। तीन पीडीएफ पेज नमूने के रूप में भी डाले गए हैं, जिनमें संवेदनशील सूचनाएं और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के हस्ताक्षर बताए गए। हालांकि, दस्तावेजों की प्रामाणिकता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।



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