विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर बांका जिले के कटोरिया प्रखंड अंतर्गत अबरखा स्थित पर्यटन विभाग के मंडप में बुधवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में वि
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बैठक में अधिकारियों ने मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले पदाधिकारी और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अलग-अलग माध्यमों से सभी की उपस्थिति की निगरानी की जाएगी।
बैठक के दौरान सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को उनके दायित्वों एवं कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

डीएम और एसपी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर समय से उपस्थित रहें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करें।
किसी भी आपात स्थिति या विधि-व्यवस्था से संबंधित घटना की सूचना तत्काल वरीय पदाधिकारियों एवं जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने को कहा गया।
श्रावणी मेला-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा। मेला अवधि में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरीय दंडाधिकारी, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए पांच टेंट सिटी स्थापित की गई हैं, जिनमें कुल 1,850 बेड की व्यवस्था है। अबरखा टेंट सिटी में 600, रंगनियां में 200, गोरियारी में 250, लोटनियां में 300 और भैरोपुर टेंट सिटी में 500 बेड उपलब्ध रहेंगे।
सभी टेंट सिटी में एलईडी टीवी के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर मंदिर का सीधा प्रसारण श्रद्धालु देख सकेंगे। यहां जीविका दीदी की रसोई, सुधा मिल्क पार्लर, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग आवासीय व्यवस्था,पर्याप्त शौचालय, स्नानागार एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

मेला अवधि में कटोरिया में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 06425-250316 है। वहीं जिलेबिया मोड़ स्थित जिला उप नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 9472023819 जारी किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु या आम लोग इन नंबरों पर सूचना दे सकेंगे।
डीएम ने कांवरिया पथ पर स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित सफाई कराने तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर ब्लीचिंग पाउडर एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
संबंधित अंचलाधिकारियों को कांवरिया पथ पर लगने वाले दुकानदारों के पास डस्टबिन रखने, अग्निकांड से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध रखने तथा प्रतिदिन कचरे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को सभी चापाकलों को चालू अवस्था में रखने, शौचालयों की नियमित सफाई कराने तथा पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर इस वर्ष 647 चापाकल, 350 शौचालय तथा 294 स्नानागार एवं झरनों की व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन को कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, सभी मरीजों का विवरण पंजी में दर्ज करने तथा नियंत्रण कक्ष के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर को प्रतिदिन मेला क्षेत्र का भ्रमण कर अवैध दवा विक्रेताओं एवं अवैध दवाओं की बिक्री पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा गया। मेला क्षेत्र में 21 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।
इन टीमों में 58 चिकित्सक एवं 225 स्वास्थ्यकर्मी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा 16 अत्याधुनिक एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी, जिनमें आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं एवं उपकरण मौजूद रहेंगे। विद्युत आपूर्ति विभाग को कांवरिया पथ पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, नंगे एवं लटकते तारों को तत्काल दुरुस्त करने तथा अधिक ऊंचाई वाले वाहनों को ध्यान में रखते हुए विद्युत लाइनों की विशेष जांच करने का निर्देश दिया गया। पूरे कांवरिया पथ पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु यातायात के लिए 18 पार्किंग जोन बनाए गए हैं। यातायात में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को निर्देश दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में कांवरिया पथ पर वाहनों का प्रवेश नहीं होने दें और निर्धारित वाहन पड़ावों का ही उपयोग कराएं, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
सभी थानाध्यक्षों को कांवरिया पथ पर भारी वाहनों के आवागमन को यथासंभव नियंत्रित करने का निर्देश दिया गया। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा चिन्हित 29 ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर संबंधित बीडीओ और सीओ को विशेष निगरानी रखने को कहा गया। श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं सुदृढ़ विधि-व्यवस्था के लिए 22 अस्थायी थानों की स्थापना की गई है। ये सभी अस्थायी थाने मेला अवधि में 24 घंटे कार्यरत रहेंगे।
अस्थायी थानाध्यक्षों को विधि-व्यवस्था संधारण, भीड़ नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, सूचना तंत्र को मजबूत रखने तथा नक्सली गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है। कांवरिया पथ के दुर्गम मार्गों, नदी-नालों, पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घुड़सवार दस्ते का भी गठन किया गया है।
इसका मुख्यालय कटोरिया नियंत्रण कक्ष के उत्तर, मुक्ति निकेतन के समीप मुख्य सड़क किनारे बनाया गया है। यहां से पूरे क्षेत्र में नियमित गश्ती एवं सुरक्षा निगरानी की जाएगी। डीएम अंशुल अग्रवाल ने अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि धैर्य, संयम और समन्वय को समझकर उसका पालन किया जाए तो ड्यूटी के दौरान सुखद अनुभव होगा।
सेवा और सुरक्षा के महत्व को नहीं समझने पर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। श्रद्धालुओं की सेवा यदि श्रद्धा और सेवा भाव से की जाएगी तो उसका सुखद परिणाम सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि एक छोटी सी गलती भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए सभी पदाधिकारी श्रद्धालुओं से लगातार व्यवस्था का फीडबैक लेते रहें और कहीं से नकारात्मक फीडबैक मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आते हुए टीम भावना के साथ काम करना है। ड्यूटी के दौरान मिलने वाले अनुभवों का उपयोग भविष्य में सेवा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए। यदि तन के साथ मन से भी कार्य किया जाए तो समस्याओं को न्यूनतम किया जा सकता है। डीएम ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारी एवं कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी की उपस्थिति की निगरानी अलग-अलग माध्यमों से की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों से पूरी निष्ठा और सेवा भाव के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपील की। कहा कि जब श्रद्धालु मेला समाप्त होने के बाद अपने घर लौटें और बांका जिले की व्यवस्था की प्रशंसा करें, तभी यह जिले के लिए वास्तविक उपलब्धि होगी। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने भी सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा किसी भी परिस्थिति में विधि-व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने देने का निर्देश दिया। डीएम और एसपी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को सेवा भाव, संवेदनशीलता और टीम भावना के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा।
