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'पहले की तरह लोगों के सुख-दुख में साथ रहेंगे':बक्सर में लंगा यादव जेल से रिहा; 2018 में हुई थी आजीवन कारावास की सजा




बक्सर में चर्चित होटल व्यवसायी रणजीत राय हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काटने के बाद रामसुरेश यादव उर्फ लंगा यादव गुरुवार को जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई के अवसर पर बक्सर में उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और शक्ति प्रदर्शन किया। 2 दर्जन से अधिक वाहनों के काफिला निकला दो दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले के साथ निकले समर्थकों ने जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर लंगा यादव का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान अबीर-गुलाल उड़ाए गए, आतिशबाजी की गई और ढोल-नगाड़ों की धुन पर समर्थकों ने अपनी खुशी व्यक्त की। रिहाई के बाद उनका काफिला विभिन्न स्थानों से होते हुए पैतृक गांव सरेंजा पहुंचा। यहां खेल मैदान में एक स्वागत सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे। लंगा यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह पहले की तरह क्षेत्र के लोगों के हर सुख-दुख में साथ रहेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की सुविधा जल्द उन्होंने सरेंजा अस्पताल में 24 घंटे चिकित्सक एवं एंबुलेंस की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि पंचायत में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पंचायत के लोगों के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला रहेगा। गौरतलब है कि यह मामला सरेंजा पंचायत में वर्ष 2011 के पंचायत चुनाव के दौरान वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। उस चुनाव में रामसुरेश यादव ने अपनी पत्नी सुखराजो देवी को मुखिया पद का उम्मीदवार बनाया था, जबकि गांव के होटल व्यवसायी रणजीत राय ने भी अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव में सुखराजो देवी बेहद कम अंतर से विजयी हुई थीं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। छठ के दिन होटल व्यवसायी हुई थी हत्या इसी तनाव के बीच 1 नवंबर 2011 को छठ पर्व के दिन होटल व्यवसायी रणजीत राय की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राजपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें रामसुरेश यादव उर्फ लंगा यादव समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। घटना के बाद लंगा यादव लंबे समय तक फरार रहे। उन्हें 2016 में गिरफ्तार किया गया था और 2018 में इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। वर्ष 2016 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और न्यायालय में सुनवाई के बाद वर्ष 2018 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। तब से वह जेल में सजा काट रहे थे। सरेंजा पंचायत का मुखिया चुनाव वर्षों से प्रतिष्ठा का विषय रहा है। रणजीत राय की हत्या के बाद वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में उनके पुत्र रमेश राय को सहानुभूति का लाभ मिला और वह 141 मतों से जीतकर मुखिया बने। हालांकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में सुखराजो देवी ने वापसी करते हुए 2,770 मत प्राप्त किए, जबकि रमेश राय को 1,725 मत मिले। इस प्रकार 1,045 मतों के बड़े अंतर से सुखराजो देवी दोबारा मुखिया निर्वाचित हुईं और वर्तमान में इसी पद पर हैं।
रामसुरेश यादव की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि इस शक्ति प्रदर्शन और स्वागत कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहीं। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई।



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