जांजगीर| पामगढ़ और बिलासपुर के बीच ग्राम कुटीघाट स्थित लीलागर नदी का पुल भारी बारिश और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की मरम्मत के लिए विभाग ने 31 जुलाई तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। फिलहाल पुल पर सरिया बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब कंक्रीटिंग की तैयारी चल रही है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पुल बंद होने का सबसे अधिक असर जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ा है। रोजाना आवागमन करने वाले कर्मचारी, छात्र, व्यापारी और मरीजों को लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ रहा है। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ परिवहन खर्च भी अधिक हो गया है। हर वर्ष बारिश के दौरान इस पुल की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
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31 जुलाई तक पूरी करनी थी लीलागर पुल की मरम्मत, काम अब तक अधूरा
