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सावन माह के पहले सोमवार पर जालोर शहर और जिले के प्रमुख शिवालयों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। मंदिरों में सुबह से श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। कई मंदिरों में रुद्राभिषेक और विशेष पूजा की गई। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बीच भी दर्शन का क्रम जारी रहा। सुबह 4 बजे से मंदिरों में पहुंचने लगे श्रद्धालु सोमवार सुबह करीब 4 बजे से ही श्रद्धालु शिवालयों में पहुंचने लगे। सफेद धोती-कुर्ता पहने युवाओं की टोलियां भक्ति गीतों और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ मंदिरों में पहुंचीं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। बूंदाबांदी के बीच भी नहीं रुका भक्तों का उत्साह सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। कई भक्तों ने इसे भगवान शिव पर इंद्रदेव का प्राकृतिक अभिषेक माना। बारिश के बीच भी श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर दर्शन और पूजा करते रहे। फूलों से सजाए गए शिवालय सावन के पहले सोमवार पर जिले के प्रमुख शिवालयों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। जालोर के सिरे मंदिर स्थित भवड़ गुफा में शिवलिंग को चारों ओर से फूलों से सजाया गया। यहां फूलों से ‘आदेश’ लिखकर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया। जिलेभर के शिवालयों में दिनभर रहे धार्मिक आयोजन जालोर शहर की कंकाचल पहाड़ी स्थित सिरे मंदिर धाम, भैरूनाथ अखाड़ा, सरूपरा महादेव मंदिर, जागनाथ महादेव मंदिर, लेटा स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर, धुर्णिया मठ और पानिया नाड़ा महादेव मंदिर सहित जिले के विभिन्न शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिरों में रुद्राभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पूरे दिन शिवालयों में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।
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जालोर के प्रमुख शिवालयों में फूलों से किया गया श्रृंगार:सुबह 4 बजे से मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु, हल्की बारिश के बीच दिनभर चली पूजा-अर्चना
