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विदेश यात्रा से लौटने के बाद कई लोग सिर्फ यादें ही नहीं, बल्कि वहां की बोली, पहनावा और व्यवहार भी अपने साथ ले आते हैं। कोई इटली घूमकर हाथ के इशारों से बात करने लगता है, तो कोई ब्रिटेन से लौटकर अंग्रेजी लहजे में बोलने लगता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा अक्सर उस जगह से गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनने के कारण होता है। कुछ लोग वहां की संस्कृति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहते हैं, जबकि कुछ अनजाने में स्थानीय लोगों की बोलचाल और तौर-तरीकों की नकल करने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इंसान स्वाभाविक रूप से सामने वाले की भाषा और हावभाव अपनाने की प्रवृत्ति रखता है। सोशल मीडिया और विदेश यात्राओं के बढ़ते चलन ने भी इस आदत को बढ़ाया है। कई बार यह बदलाव नई पहचान दिखाने या जताने का तरीका भी बन जाता है कि व्यक्ति किसी नई संस्कृति से प्रभावित होकर लौटा है।
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विदेश घूमकर लौटते ही बदल जाता है लोगों का व्यवहार:नई संस्कृति से जुड़ाव और नकल की आदत का पड़ता है असर
