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फरीदकोट में फार्मेसी अफसरों की भर्ती परीक्षा विवाद के विरोध में पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा 29 जुलाई 2026 से बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने के तहत मंगलवार को पंजाब सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि इस फार्मेसी परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और मामले से जुड़े यूनिवर्सिटी अधिकारियों व अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में किसान, मजदूर, नौजवान और अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में केवल भर्ती प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि मेडिकल उपकरणों की खरीद और भवन निर्माण जैसे कार्यों में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए उन्होंने कहा कि मामलों में शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।किसान नेता लाल सिंह गोलेवाला ने भी विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के कारण योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनसंगठन इस मुद्दे पर विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा। धांधली के शिकार अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया: हरवीर कौर इस मौके पर पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की जिला अध्यक्ष हरवीर कौर ने कहा कि फार्मेसी भर्ती परीक्षा मामले में पुलिस ने ऐसे अभ्यर्थियों को भी आरोपी बना दिया है, जो स्वयं धांधली के शिकार हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो यूनियन अपना आंदोलन और तेज करेगी।
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फरीदकोट में फार्मेसी परीक्षा विवाद में स्टूडेंट्स का प्रदर्शन:पेपर रद कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई मांगी; कई संगठनों का धरने का समर्थन
