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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। विपक्ष के विधायक पहले की तरह गले में काले पटके पहनकर सदन पहुंचे। उनका आरोप था कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी। इस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सदन सभी विधायकों का सम्मान करता है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यदि किसी विधायक के सम्मान को ठेस पहुंची है तो मामले की जांच होगी। वहीं, स्पीकर ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक बिक्रमजीत सिंह चौधरी समेत अन्य कांग्रेस विधायकों की ओर से दो ‘काम रोको’ प्रस्ताव दिए गए थे, जिन्हें नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया गया। पुलिस ने धक्के मारे, शीशा तक टूटा नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने सुबह साढ़े नौ बजे विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पंजाब की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम रखा था। इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए दो काम रोको प्रस्ताव भी स्पीकर को भेजे गए थे। बाजवा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ धक्कामुक्की की। विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान भी स्टाफ ने विधायकों के साथ धक्के दिए, जिससे उन्हें चोट भी लगी। बाजवा ने कहा कि विधायकों के कपड़ों तक पर हाथ डाला गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का संरक्षक (कस्टोडियन) स्पीकर होता है। स्पीकर ने उनकी बात सुनी, लेकिन उन्हें इस मामले में कार्रवाई का स्पष्ट भरोसा नहीं मिला। बाजवा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, उन्होंने कहा कि सीएम जनरल डायर की आत्मा आ गई है। क्योंकि वह जालंधर में उनके घर में रहते हैं। जवाब गोलमोल है, मंत्री बोले- गेस्ट फैकल्टी को निकाल दे कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़े एक सवाल पर सरकार से जवाब मांगा। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसका उत्तर दिया, लेकिन ढिल्लों ने जवाब को अधूरा और गोलमोल बताते हुए आपत्ति जताई। इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधायक से कहा कि वह अपना सवाल पूछें। इस पर काला ढिल्लों ने कहा, “मुझे बोलने का मौका मिलेगा, तभी तो मैं सवाल पूछ पाऊंगा।” जवाब में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “क्या कांग्रेस चाहती है कि गेस्ट फैकल्टी को निकाल दिया जाए?” इसके बाद सदन में कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक का माहौल बना रहा। जल्दी तय होंगे बिल्डिंग मटेरियल व लेबर रेट कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कहा कि बिल्डिंग मटेरियल के रेट लोक निर्माण विभाग (PWD) तय करता है। इसके लिए डिप्टी कमिश्नरों की एक समिति गठित की गई है, जो पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दरें निर्धारित करती है। उन्होंने कहा कि लेबर रेट भी संशोधित करवाए जाएंगे और बिल्डिंग मटेरियल की दरों की भी समीक्षा कर उन्हें जरूरत के अनुसार संशोधित किया जाएगा। यह सवाल विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने उठाया था। मंत्री ने बताया कि कुछ जिलों में दरों का संशोधन किया जा चुका है, जबकि बाकी जिलों के संबंध में संबंधित मंत्री के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार के कार्यकाल का अंतिम विधानसभा सत्र आज विधानसभा में छह रिपोर्टें पेश की जाएंगी। इसके अलावा पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। विपक्ष फार्मेसी पेपर लीक, महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 10 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र मौजूदा सरकार के कार्यकाल का अंतिम विधानसभा सत्र है। अब दो पाइंटों में जानिए अब तक सेशन में क्या हुआ
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पंजाब विधानसभा में कांग्रेस की नारेबाजी:विधायकों का आरोप- उन्हें धक्के मारे गए, स्पीकर बोले- मामले की जांच करवाएंगे
