Headlines

चंडीगढ़ CBI कोर्ट ने SI-ASI पर फैसला सुरक्षित रखा:गवाह को धमकाने के आरोप, जमानत रद्द की मांग, वकील बोले- मुवक्किल ने दबाव नहीं बनाया




चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में 8 साल पुराने रिश्वत मामले के आरोपी तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह और कॉन्स्टेबल सुमित की ओर से जवाब दाखिल किया गया। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किलों ने किसी गवाह को न धमकाया है और न ही उस पर कोई दबाव बनाया है। उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर उनकी जमानत रद्द कराने की कोशिश की जा रही है। वकील ने कहा कि यदि सीबीआई के पास कोई सबूत है तो उसे अदालत में पेश करे। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। रिश्वत मामले में आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सेवा सिंह और कॉन्स्टेबल सुमित की सीबीआई ने दोनों पर मामले के अहम गवाह को धमकाने और अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी। आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा सीबीआई ने इस संबंध में 21 जुलाई को विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अब बचाव पक्ष ने अदालत में अपना जवाब दाखिल कर सीबीआई के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। सीबीआई का आरोप है कि दोनों आरोपी पहले से रिश्वत लेने के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे हैं। दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग जमानत मिलने के बाद उन्होंने केस के एक अहम गवाह पर अपने पक्ष में गवाही देने का दबाव बनाया, जो जमानत की शर्तों का उल्लंघन है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने अदालत से दोनों की जमानत रद्द कर उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की है। बचाव पक्ष बोला- जमानत रद्द करवाने की कोशिश वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनके मुवक्किलों ने किसी भी गवाह को न तो धमकाया और न ही दबाव बनाया। केवल झूठे आरोप लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनकी जमानत रद्द करवाने की कोशिश की जा रही है। वकील ने अदालत से कहा कि यदि सीबीआई के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे अदालत में पेश किया जाए। 8 साल पहले का मामला 4 पॉइंट्स में जानिए… एक व्यक्ति लगातार संपर्क कर रहा मामले के गवाह ने सीधे CBI की विशेष अदालत में शिकायत देकर आरोप लगाया कि आरोपी पुलिसकर्मियों के कहने पर एक व्यक्ति लगातार उससे संपर्क कर रहा है। वह बार-बार उस पर अदालत में आरोपियों के पक्ष में गवाही देने का दबाव बना रहा है। मानसिक रूप से परेशान हो रहा गवाह का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों और दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान है। उसने अदालत से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। शिकायत मिलने के बाद अदालत ने पहले दोनों आरोपियों से जवाब मांगा था। CBI ने कोर्ट में अर्जी लगाई इसके बाद CBI ने भी अदालत में विस्तृत अर्जी दाखिल कर कहा कि आरोपी जमानत का दुरुपयोग कर रहे हैं और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, उनकी जमानत तत्काल रद्द की जानी चाहिए। अदालत ने इस अर्जी पर दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *