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अधिकारियों की बैठक लेते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।
दिल्ली सरकार ने जुलाई के अंत तक राजधानी के सभी 5 हजार 633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों (Child Protection Committees) का गठन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। सोमवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक निवास में ‘बाल स
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बैठक में शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर सभी सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा, पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उपराज्यपाल ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और संवेदनशील माहौल उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार राजधानी में बच्चों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग और पीओसीएसओ अधिनियम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, कैंट बोर्ड और निजी स्कूलों में सुरक्षा चेकलिस्ट लागू की जा रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों को पीओसीएसओ के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि छात्रों को सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, साइबर सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी मिलेगा।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्कूलों, झुग्गी बस्तियों, पार्कों, बाल गृहों और बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को बाल सुरक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
