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इंदौर में यातायात व्यवस्था संभालने के साथ इंदौर पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया। कलश चौराहा, परदेशीपुरा क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल होकर रोड पर पड़े व्यक्ति को देखकर यातायात पुलिस की महिला आरक्षक अरुणा ठाकरे ने तत्काल मदद की। उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और घायल के पास पहुंचकर उनकी स्थिति देखी। बिना देर किए शुरू किया प्राथमिक उपचार जानकारी के मुताबिक, महिला आरक्षक अरुणा ठाकरे वहां से गुजर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए मौके पर रुककर घायल की मदद शुरू की। उनके पास मौजूद फर्स्ट एड किट से घायल को प्राथमिक उपचार दिया। साथ ही उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। समय पर मिली मदद से घायल को राहत महिला आरक्षक की त्वरित कार्रवाई से घायल व्यक्ति को मौके पर ही तत्काल राहत मिली। हादसे के बाद सड़क पर घायल अवस्था में पड़े व्यक्ति के लिए समय पर मिली यह मदद काफी महत्वपूर्ण रही। मौके पर मौजूद लोगों ने भी महिला आरक्षक की तत्परता की सराहना की। वर्दी के साथ इंसानियत की जिम्मेदारी भी निभाई यातायात पुलिस की ड्यूटी के दौरान अरुणा ठाकरे ने न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीयता का भी परिचय दिया। पुलिसकर्मी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि वर्दी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी के साथ जरूरतमंद की मदद करना भी पुलिस के सामाजिक दायित्व का हिस्सा है। छात्र की बचाई थी जान पिछले दिनों अपने घर लौट रहे दो स्टूडेंट्स में से पीछे बैठा एक स्टूडेंट अचानक चलती बाईक से रोड पर गिर गया और बेहोश हो गया था। राऊ के प्रधान आरक्षक बलराम चौहान और थाना राजेंद्र नगर के आरक्षक राहुल बोर्डिया एवं विवेक प्रजापति ने घायल स्टूडेंट को देखा तो तुरंत सीपीआर दिया था और उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था।
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सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को देख रुकीं महिला आरक्षक:फर्स्ट एड किट से दिया प्राथमिक उपचार, इसके पहले भी पुलिस ने बचाई थी छात्र की जान
