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मंडी में कोलडैम परियोजना के निचले इलाकों में सतलुज नदी के किनारे अंतिम संस्कार किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की पूर्व चेतावनी और अलर्ट व्यवस्था के बावजूद लोग नदी के बेहद करीब अंतिम संस्कार कर रहे हैं, जिससे गंभीर हादसे का खतरा बना हुआ है। रविवार को बरमाणा के समीप मंडी क्षेत्र के अलसू में नदी किनारे अंतिम संस्कार किए जाने का एक और मामला सामने आया। इस घटना के कारण नदी में पानी छोड़े जाने का निर्धारित समय आगे बढ़ाना पड़ा, ताकि वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोलडैम परियोजना से पानी छोड़े जाने पर डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में नदी का जलस्तर कुछ ही समय में तेजी से बढ़ सकता है। कई परिस्थितियों में जलस्तर में चार से पांच मीटर तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे नदी किनारे मौजूद लोगों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। स्थानीय स्तर पर लोगों को दी जाती है सूचना स्थानीय स्तर पर लोगों को पानी छोड़े जाने से पहले अलार्म, वाहनों और अन्य माध्यमों से सूचना दी जाती है। प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर नदी किनारे जाने और गतिविधियां संचालित करने को लेकर सावधानी बरतने की अपील की जाती रही है। इसके बावजूद नदी तटों पर अंतिम संस्कार किए जाने की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले दो दिनों के अंतराल में ऐसे दो मामले सामने आने के बाद, सुरक्षा को लेकर लोगों से एक बार फिर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे अंतिम संस्कार से पहले कोलडैम प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना आवश्यक है, ताकि पानी छोड़े जाने का समय सुरक्षित रूप से निर्धारित किया जा सके। कोलडैम प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को हल्के में न लें। अंतिम संस्कार सहित किसी भी गतिविधि के लिए नदी के सक्रिय बहाव वाले क्षेत्र में जाने से बचें। थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
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मंडी में सतलुज किनारे अंतिम संस्कार से बढ़ा खतरा:लोगों की सुरक्षा के लिए कोलडैम से पानी छोड़ने का समय टला
