Headlines

चंडीगढ़ में नंदू गैंग के 3 गुर्गे अरेस्ट:2 पिस्तौल और एक मैगजीन बरामद; बड़ी वारदात से पहले पुलिस ने दबोचा




चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर नंदू गिरोह से जुड़े 3 बदमाशों को गिरफ्तार कर बड़ी वारदात की तैयारी को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्तौल और एक मैगजीन बरामद की है। पुलिस को शक है कि तीनों चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस को आरोपियों के बारे में पहले से सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो पिस्तौल और एक मैगजीन बरामद हुई। सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपी चंडीगढ़ में किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे थे। पुलिस को इसकी भनक लग गई और वारदात को अंजाम देने से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों के निशाने पर कौन था और उन्हें किस वारदात को अंजाम देने के लिए कहा गया था। इसके अलावा चंडीगढ़ में उन्हें कौन-कौन मदद कर रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। नंदू के अलावा कौन दे रहा था मदद, जांच जारी गैंगस्टर नंदू के यूके में छिपे होने की जानकारी सामने आती रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का सीधे नंदू से संपर्क था या गिरोह का कोई दूसरा सदस्य उन्हें निर्देश दे रहा था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों को हथियार किसने उपलब्ध कराए और वारदात के लिए पैसे कौन दे रहा था। पुलिस उनके स्थानीय संपर्कों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है। गुस्सैल किस्म का नंदू, होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया दरअसल, दिल्ली के द्वारका जिले में पड़ने वाले नजफगढ़ इलाके के नंदा एनक्लेव का रहने वाला कपिल सांगवान उर्फ नंदू पढ़ाई में तो ठीक ठाक रहा ही, लेकिन उसके बड़े भाई ज्योति सांगवान उर्फ बाबा के आपराधिक रिकॉर्ड ने उसे गुस्सैल किस्म का बनाए रखा। कपिल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के ही विकासपुरी के स्कूल से की। 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर वह होटल मैनेजमेंट करने के लिए गुरुग्राम के मानेसर स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने चला गया। इसी बीच उसकी जिंदगी ने एक नया मोड लिया। छावला में दर्ज हुआ पहला केस: 2014 में कपिल सांगवान उर्फ नंदू का दिल्ली के छावला इलाके में किसी के साथ झगड़ा हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने कपिल पर आर्म्स एक्ट और झगड़े का केस दर्ज किया था। बाद में कपिल जेल में भी गया। जेल से छूटने के बाद वह छोटी-मोटी वारदातों में शामिल रहा। वहीं दूसरी तरह उसका भाई ज्योति सांगवान उर्फ बाबा कई बड़ी आपराधिक घटनाओं के चलते पहले से जेल में बंद था। ज्योति बाबा का दुश्मन उस वक्त दिल्ली का दूसरा गैंगस्टर मंजीत महाल था। मंजित महाल के शूटर कहे जाने वाले नफे उर्फ मंत्री ने 2015 में ज्योति बाबा के जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर का मर्डर कर दिया। दोनों के बीच पैसों को लेकर झगड़ा चल रहा था। मर्डर का बदला मर्डर… मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त जेल में बंद ज्योति बाबा ने अपने छोटे भाई कपिल सांगवान उर्फ नंदू को जीजा की मौत का बदला लेने को कहा और फिर नंदू ने जीजा की हत्या में शामिल नफे के पिता हरि किशन का मर्डर कर दिया। उसकी बहन और मां पर भी हमला किया। अगले साल 2016 साल जीजा के हत्याकांड में शामिल दूसरे आरोपी धर्मेन्द्र के पिता विनोद को भी मार दिया। इतना ही नहीं नंदू ने 2017 में गैंगस्टर मंजीत महाल के पिता की भी हत्या करा दी। ज्योति बाबा पहले से जेल में बंद था और नंदू को भी पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दिया। जेल में रहते हुए ही दोनों भाईयों ने अपनी खुद की गैंग खड़ी कर दी और फिर दिल्ली, हरियाणा में कई आपराधिक वारदातें कराई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *