35 मिनट पहले
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आज (15 अगस्त) सावन माह के शु्क्ल पक्ष की तृतीया है। इस दिन हरियाली तीज व्रत किया जाता है। विवाहित महिलाओं के लिए इस पर्व का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन देवी पार्वती की विशेष पूजा करने से जीवन साथी को शुभ फल मिलते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार हरियाली तीज पर पति-पत्नी को एक साथ शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं। जानिए शिव-पार्वती की पूजा की सरल विधि…

ये है पूजन विधि
स्नान के बाद पूजा और व्रत करने का संकल्प लें। घर के मंदिर में भगवान के सामने कहें कि हम पति-पत्नी पुत्र, पौत्र, सौभाग्य वृद्धि की कामना से शिव-पार्वती की पूजा करने का संकल्प लेते हैं।
पति-पत्नी घर के मंदिर में या किसी अन्य मंदिर में सबसे पहले गणेश पूजन करें।
गणेश जी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, फूल, चावल से पूजा करें। इसके बाद शिव-पार्वती की पूजा शुरू करें।
शिवलिंग और देवी पार्वती को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और फिर जल से स्नान कराएं। शिव-पार्वती को वस्त्र अर्पित करें।
वस्त्रों के बाद फूलों के आभूषण पहनाएं। पुष्पमाला पहनाएं। तिलक करें। ऊँ साम्ब शिवाय नमः कहते हुए भगवान शिव को अष्टगंध का तिलक लगाएं।
भगवान शिव और पार्वती का बिल्व पत्र से पूजन करें। कनेर के पुष्प अर्पित करें।
ऊँ गौर्ये नमः कहते हुए माता पार्वती को कुमकुम का तिलक लगाएं। अब धूप-दीप अर्पित करें। फूल अर्पित करें। घी या तेल का दीपक लगाएं। आरती करें।
आरती के बाद परिक्रमा करें। नेवैद्य अर्पित करें। गौरी-शंकर के पूजन के समय ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।
आरती के बाद अन्य लोगों को प्रसाद वितरित करें और पूजा में हुई जानी-अनजानी गलतियों के लिए भगवान से क्षमा मांगे।

