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कौमी इंसाफ मोर्चा के शनिवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान व पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान अचानक चंडीगढ़ पहुंच गए थे। लेकिन जब पुलिस ने उन्हें काबू किया तो पट्टियां बांधी हुई थीं, जैसे लग रहा था कि उन पर हमला किया गया। लेकिन यह चीज पहेली बनी हुई थी कि आखिर उनके साथ क्या हआ।
कल से पुलिस कह रही है कि हमने किसी पर लाठीचार्ज नहीं किया। अब इस मामले की हकीकत सामने आ गई। मान से जब मीडिया ने पूछा कि आपसे मारपीट हुई थी या भेष बदला था। इस पर उनका जवाब था कि जब आपको गवर्नर के घर के पास जाओ तो भेष बदलना पड़ता है। इतना पहरा हो, इतनी तशद्दत की गई हो। सबसे बुरी चीज जो मोदी साहिब ने की है कि वह ड्रोन के साथ आंसू गैस के गोले छोड़ने दौड़े गए। उन्होंने कहा कि मैँ पढ़ा लिख हूं। पुलिस में रहा हूं। एक दिन की सारी प्लानिंग थी। हालांकि उन्होंने कहा कि वह इस प्रदर्शन से पहले पांच दिन घर से बाहर रहे। सवाल जवाब में जानिए मान ने क्या कहा – सवाल – एक बार कुलबीर सिंह जीरा के पिता ने दूल्हा बनकर सीएम प्रकाश सिंह बादल का घेराव किया था। आप मरीज बनकर गए थे। आइडिया कहां से आया। जवाब – मैं पढ़ा-लिखा आदमी हूं, पुलिस में रहा हूं। इसमें क्या नया है। अगर मैं भेष नहीं बदलता तो वहां तक कैसे पहुंचता। यह तो मोदी साहब को चिंता होनी चाहिए कि सिख भेष भी बदल लेते हैं। सिखों के पास रोज ड्रोन आते हैं। सवाल -31 साल बाद जगतार हवारा की जेल से वीडियो आती है। वह प्रदर्शन से पहले कहते हैं, शांतिपूर्वक रहना है। क्या कहेंगे इस बारे में। जवाब – जगतार हवारा ने सियानप की। लेकिन सरकार ने ड्रोन से शरारत की है। वह उलटी पड़ेगी। यह एक नया चैप्टर खोल दिया है। मोदी साहब को सोचना चाहिए सिख भेष् भी बदल लेत है। सवाल – राजोआना का पत्र है। दीप सिद्धू एक शराबी आशिक था, जिसे कौम के सिर पर शहीद बनाकर मढ़ा गया। जवाब – जितने दिन वह हमारे साथ रहे, हमें इस बारे में सूचना भी नहीं थी। वह ऐसे आदमी हैं, जो आदमी पंथ के लिए सोच सकता है। वह ऐसे काम में शामिल नहीं हो सकते हैं। सवाल – सिमरनजीत सिंह मान पर अब ज्यादा नजर रहेगी। अगर कोई प्रदर्शन होता है तो दो से तीन दिन पहले पुलिस लग जाएगी, ताकि डिटेन कर लिया जाए। जवाब – मैं तो अब भी पांच दिन घर से बाहर रहा हूं। मेरे बहुत रिश्तेदार हैं। मेरी पार्टी बहुत ताकतवर है। मैं कहीं पर भी जा सकता हूं। वहीं, उन्होंने कहा कि जो एक बार चीज हो जाती है, वह दोबारा थोड़ी की जाती है। सवाल -यह आइडिया कैसे चुना? जवाब -क्यों यह तरीका सही था, पीसफुल था, किसी को संदेह भी नहीं हो सकता था। सवाल – आपको बड़ा लंबा समय डिटेन करके रखा गया। जवाब – चंडीगढ़ के डीजीपी ने कार्रवाई करने पर लंबा समय लगा दिया। इस तरह हमें लेट नहीं करना चाहिए। इसमें सीएम भगवंत मान का हाथ भी है। सवाल – जगतार हवारा के पैरोल मिलने से माहौल खराब हो नहीं होगा? जवाब – नहीं, पैरोल से माहौल खराब नहीं होगा। बल्कि माहौल खुशनुमा होगा।
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प्रदर्शन में घायल नहीं, गवर्नर हाउस पहुंचने का था प्लान:सिमरनजीत मान बोले- एक दिन की प्लानिंग, पांच दिन से घर से बाहर रहा
