दिल्ली यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मौजूद अतिथि।
दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के बीच मिरांडा हाउस में आयोजित तीन दिवसीय ओपन हाउस (फेज-2) का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन तेज बारिश के बावजूद करीब 150 छात्राएं और उनके अभिभावक कॉलेज पहुंचे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कॉमन सीट ए
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कॉलेज की प्राचार्या प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा और बर्सर डॉ. नंदिनी दत्ता ने विद्यार्थियों को प्रेफरेंस शीट भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फॉर्म मोबाइल, खासकर छोटी स्क्रीन वाले फोन, की बजाय लैपटॉप या डेस्कटॉप पर भरें ताकि सभी विकल्प स्पष्ट दिखाई दें और गलती की संभावना कम रहे।
विशेषज्ञों ने बताया कि छात्र 11 जुलाई रात 11:59 बजे तक अपनी प्रेफरेंस सूची में जितनी बार चाहें बदलाव कर सकते हैं। निर्धारित समय के बाद अंतिम सेव की गई प्रेफरेंस सूची स्वतः (ऑटो लॉक) हो जाएगी और उसी के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। इसलिए जल्दबाजी में विकल्प भरने से बचें और सभी विकल्पों को ध्यान से जांचने के बाद ही अंतिम रूप दें।

दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के दौरान जानकारी लेती छात्रा।
करियर लक्ष्य के अनुसार करें विषयों का चयन
प्रश्नोत्तर सत्र में स्पोर्ट्स ट्रायल, ईसीए कोटा, जूलॉजी समेत विभिन्न विषयों के संयोजन, पात्रता और करियर संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी कि वे प्रवेश बुलेटिन का अच्छी तरह अध्ययन करें और अपनी रुचि व करियर लक्ष्य के अनुरूप ही विषयों और कॉलेजों का चयन करें।
प्रो. बिजयालक्ष्मी नंदा ने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी और अभिभावक को प्रवेश प्रक्रिया की सही, स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी भ्रम के अपने भविष्य से जुड़े निर्णय आत्मविश्वास के साथ ले सकें।
