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- Tata Sons AGM Postponed In Mumbai | N Chandrasekaran Reappointment Stalled
39 मिनट पहले
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मुंबई में टाटा समूह के मुख्यालय ‘बॉम्बे हाउस’ में आज 18 अगस्त को टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग बुलाई गई है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन बैठक में शामिल होने पहुंच चुके हैं, लेकिन कानूनी व तकनीकी अड़चनों के चलते ये बैठक बिना किसी फैसले के स्थगित हो सकती हैं।
इस घटनाक्रम और टाटा ग्रुप के भविष्य पर इसके असर को समझने के लिए पढ़ें यह Q&A रिपोर्ट:
सवाल 1. टाटा संस की आज 18क अगस्त होने वाली AGM क्यों टल सकती है?
जवाब: कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, AGM का कोरम पूरा होने के लिए कम से कम 5 सदस्यों का व्यक्तिगत रूप से मौजूद होना जरूरी है। इसमें सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि का होना अनिवार्य है।
बोर्ड मीटिंग न हो पाने के कारण ये ट्रस्ट संयुक्त प्रतिनिधि तय नहीं कर सके हैं। यह नियम तब तक लागू है जब तक दोनों ट्रस्टों के पास टाटा संस की कम से कम 40% हिस्सेदारी है। वर्तमान में SRTT और SDTT के पास 51% और पूरे टाटा ट्रस्ट्स नेटवर्क के पास 66% हिस्सेदारी है।
सवाल 2. सर रतन टाटा ट्रस्ट अपनी मीटिंग क्यों नहीं कर पा रहा है?
जवाब: महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने मई में SRTT बोर्ड गठन की जांच के संबंध में निर्देश जारी किए थे। तब से ट्रस्ट की बैठक नहीं हो सकी है। इसी वजह से संयुक्त प्रतिनिधि के नाम पर मुहर नहीं लग पाई है।
सवाल 3. यह पूरा कानूनी विवाद किस कानून और नियम से जुड़ा है?
जवाब: यह मामला महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट की धारा 30A (2) से जुड़ा है, जिसे 2025 के संशोधन के जरिए लाया गया था। यह नियम पब्लिक ट्रस्ट के बोर्ड में लाइफटाइम या परमानेंट ट्रस्टियों की संख्या कुल ट्रस्टियों के एक-चौथाई (25%) तक सीमित करता है। SRTT का तर्क है कि यह नियम नया है और इसे पुरानी नियुक्तियों पर लागू नहीं किया जा सकता।
सवाल 4. अगर AGM टलती है, तो कंपनी के किन मुख्य फैसलों पर असर पड़ेगा?
जवाब: मीटिंग टलने से तीन अहम एजेंडे अटक जाएंगे:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को स्वीकार करना।
- शेयरधारकों के लिए डिविडेंड यानी लाभांश की घोषणा।
- रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे डायरेक्टर एन चंद्रशेखरन की फिर से नियुक्ति पर मुहर लगाना।
सवाल 5. एन चंद्रशेखरन के पद और उत्तराधिकारी की स्थिति क्या रहेगी?
जवाब: एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को साफ कर दिया था कि वे टाटा संस के ‘चेयरमैन’ पद से हट रहे हैं और अगला कार्यकाल नहीं लेंगे। लेकिन वे टाटा संस के ‘डायरेक्टर’ भी हैं। नियम के मुताबिक, AGM स्थगित होने पर वे तब तक डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे, जब तक कि अगली मीटिंग नहीं हो जाती। वहीं, नया चेयरमैन चुनने के लिए 13 अगस्त को SDTT ने एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन SRTT की बैठक न हो पाने से नए चेयरमैन के चुनाव की प्रक्रिया भी अटक सकती है।
सवाल 6. क्या मीटिंग स्थगित करने को लेकर टाटा संस के नियमों में कोई स्पष्टता है?
जवाब: आर्टिकल 87 के तहत कोरम न होने पर मीटिंग टालने का प्रावधान है। हालांकि, लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि SRTT-SDTT का संयुक्त प्रतिनिधि आगे भी नियुक्त नहीं हो पाता, तो स्थगित बैठक को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा, इस पर नियमों में कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
सवाल 7. टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड में पिछले एक साल से किन मुद्दों पर मतभेद चल रहे हैं?
जवाब: पिछले एक साल से ट्रस्टियों के बीच बोर्ड रीप्रेजेंटेशन, नए ट्रस्टियों की नियुक्ति, टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और एयर इंडिया, टाटा डिजिटल व टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बिजनेस में कैपिटल एलोकेशन को लेकर मतभेद रहे हैं। इन मतभेदों के चलते हाल ही में कुछ बड़े इस्तीफे हुए हैं…
- विजय सिंह: टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने 14 अगस्त को कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले SRTT से इस्तीफा दे दिया।
- मेहली मिस्त्री: री-अपॉइंटमेंट पर सर्वसम्मति न बनने पर अक्टूबर में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया, जिसे उन्होंने चैरिटी कमिश्नर के समक्ष चुनौती दी है।
- वेणु श्रीनिवासन: सर्वसम्मति न बन पाने के कारण अप्रैल में बाई हिराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था।

