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बिलासपुर में शहर से लगे सकरी क्षेत्र की कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग पर SDM ने रोक लगाई थी। इसके बाद भी तहसीलदार ने प्रतिबंधित खसरा नंबर का नामांतरण कर दिया। अब मामला सामने आने के बाद तहसीलदार ने इसे मानवीय त्रुटि बताकर इस नामांतरण आदेश को पुनर्विलोकन यानी रिव्यू में लिया है। दरअसल, तखतपुर SDM नितिन तिवारी ने 3 जून 2026 को पटवारी हल्का नंबर 42 ग्राम मेंड्रा के 22 खसरा नंबरों पर जांच का हवाला देते हुए संपूर्ण बटांकन और निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया था। आदेश के तहत इन खसरा नंबरों की जमीन पर न तो कोई निर्माण हो सकता था और न ही इनकी खरीद-बिक्री की जा सकती थी। जिला प्रशासन की सख्ती फिर भी चल रही मनमानी
अवैध प्लाटिंग और छोटे टुकड़ों की रजिस्ट्री पर कलेक्टर की सख्ती के बावजूद क्षेत्र में रजिस्ट्री और नामांतरण का खेल जारी है। इसी क्रम में सकरी तहसीलदार राहुल शर्मा ने प्रतिबंधित खसरा नंबर 154/1 का नामांतरण कर दिया। मामला सामने आने पर SDM नितिन तिवारी ने बताया कि नामांतरण आदेश को पुनर्विलोकन के लिए वापस मंगाया गया है। इसे लिपिकीय या मानवीय त्रुटि बताया जा रहा है, जिसकी जांच जारी है। प्रतिबंधित खसरे का नया बटांकन का खेल
प्रतिबंधित 22 खसरा नंबरों की रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए नया रास्ता निकाला गया है। पूरे तखतपुर क्षेत्र में खेल यह चल रहा है कि यदि जमीन का टुकड़ा छोटा है, तो उसका नया बटांकन कर उसे प्रतिबंध से मुक्त मान लिया जाता है और फिर रजिस्ट्री व नामांतरण करा दिया जाता है; जबकि SDM का स्थगन आदेश संपूर्ण बटांकन पर लागू है। तहसीलदार बोले-मानवीय त्रुटि के बाद सुधार
तहसीलदार राहुल शर्मा ने कहा कि मानवीय त्रुटि के कारण नामांतरण आदेश जारी हो गया था। जानकारी में आते ही मामले को पुनर्विलोकन में ले लिया गया है। इसमें गड़बड़ी व लापरवाही नहीं हुई है।
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SDM की रोक फिर भी तहसीलदार ने किया नामांतरण:बिलासपुर में पंचायत की कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग, गलती उजागर होने पर तहसीलदार ने कहा-मानवीय त्रुटि
