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बिहार में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एसटीएफ ने राज्यभर में 350 से अधिक सुपारी किलर की सूची तैयार की है, जिनकी पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन के सभागार में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक एसटीएफ ने 1716 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें टॉप-10 और हार्डकोर अपराधियों के साथ इनामी अपराधी भी शामिल हैं। डीआईजी ने बताया कि एसटीएफ की कार्रवाई का मुख्य फोकस अपराधियों को घटना को अंजाम देने से पहले पकड़ने पर है। एसटीएफ ने अपनी विशेष खुफिया व्यवस्था और जिलों में तैनात पदाधिकारियों के जरिए सक्रिय अपराधी गिरोहों और उनके सदस्यों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया है। इसी डेटाबेस के आधार पर इन गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 8 महीने में 19 पुलिस मुठभेड़, 3 अपराधी मारे गए गिरफ्तार किए गए 1716 अपराधियों में बड़ी संख्या टॉप-10 और हार्डकोर अपराधियों की है। संजय कुमार सिंह ने बताया कि इनमें से 63 अपराधियों पर जिला या राज्य स्तर पर इनाम घोषित था। इसके अतिरिक्त, विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल 27 अपराधियों को राज्य के बाहर से गिरफ्तार कर बिहार लाया गया है। एसटीएफ दूसरे राज्यों में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ के मुताबिक पिछले 8 महीनों में अपराधियों के साथ पुलिस की 19 मुठभेड़ हुई हैं। इनमें 3 अपराधी मारे गए, जबकि 18 अपराधी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों से कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने और इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिली है।
भू-माफियाओं की संपत्ति की भी जांच संगठित अपराध के साथ एसटीएफ भू-माफियाओं पर भी कार्रवाई कर रही है। जिलों में सक्रिय गिरोहों और उनके सदस्यों की जानकारी जुटाकर उनकी अवैध गतिविधियों की जांच की जा रही है। डीआईजी ने बताया कि अपराधियों और भू-माफियाओं की ओर से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाया जा रहा है। ऐसी संपत्तियों के खिलाफ पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
अंतरराज्यीय गोल्ड और बैंक लूट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई बैंक, ज्वेलरी और गोल्ड लूट गिरोह के खिलाफ भी एसटीएफ लगातार अभियान चलाया है। इस दौरान अब तक करीब 10 किलो लूटा हुआ सोना, 50 किलो चांदी और 11.97 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने कर्नाटक के मैसूर में ज्वेलरी शॉप लूट, महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र की लूट और ओडिशा के क्योंझर जिले के बरबिल थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा लूट समेत कई मामलों का खुलासा किया है। इन अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
साइबर अपराध के 19 मामलों का भी खुलासा
एसटीएफ ने साइबर अपराध से जुड़े 19 मामलों को भी सुलझाया है। पुलिस की विशेष टीम विभिन्न जिलों और राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क की जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ ने अपहरण के मामलों में भी कार्रवाई की है। पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर और किशनगंज से कुल 10 अपहृत लोगों को बरामद किया गया।
बिहार नक्सलवाद से मुक्त हुआ
संजय कुमार सिंह ने दावा किया कि बिहार अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है। आत्मसमर्पण करने वाले 63 नक्सलियों को आत्मसमर्पण सह पुनर्वास नीति का लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के दो जवान भी शहीद हुए। मोतिहारी के चकिया थाना क्षेत्र में कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर गिरोह की घेराबंदी के दौरान जवान श्रीराम यादव शहीद हुए। वहीं जहानाबाद के घोसी थाना क्षेत्र में अपराधी से मुठभेड़ के दौरान जवान धीरज कुमार ने बलिदान दिया।
ड्रोन से 423 किमी क्षेत्र की निगरानी
एसटीएफ के एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि एसटीएफ के पास 3 ड्रोन हैं। इनका इस्तेमाल एरियल सर्विलांस और ड्रोन मैपिंग के लिए किया जा रहा है।
अब तक 9 जिलों में ड्रोन के जरिए 423 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया है। इसके अलावा 99.86 एकड़ में की गई अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।
एसटीएफ ने 45 कुख्यात अपराधियों के ठिकानों की मैपिंग भी की है। एसपी ने बताया कि अपराध और देशी हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लोहा समेत अन्य सामानों के सप्लाई नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई है।
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