![]()
कुरुक्षेत्र जिले के ज्योतिसर के पास नरवाना ब्रांच नहर (भाखड़ा) की पटरी पर पड़ी गहरी और चौड़ी दरारों ने नहरी विभाग की मरम्मत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ समय पहले ही विभाग ने नहर की मरम्मत कराई थी, लेकिन अब कई जगह पटरी में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। लोग आरोप लगा रहा है कि मरम्मत का काम केवल खानापूर्ति साबित हुआ है। अगर समय रहते इन दरारों को रिपयेर नहीं किया गया तो बरसात के दौरान या नहर में ज्यादा पानी छोड़े जाने पर कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि विभाग नहर में कोई भी डेमेज होने पर पानी को कंट्रोल करने का दावा कर रहा है। विभाग के रेस्ट हाउस के पास ही दिखी दरारें ये दरारें सिंचाई विभाग के ज्योतिसर में रेस्ट हाउस से दबखेड़ी की तरफ करीब एक किलोमीटर के दायरे में दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर पटरी में गहरी और चौड़ी दरारें साफ नजर आ रही हैं। यहां आसपास रहने वाले लोग और राहगीर लगातार चिंता जता रहे हैं। ये दरारें पटरी के कमजोर होने के संकेत हैं। क्वालिटी काम पर उठ रहे सवाल विभाग के मुताबिक, हाल ही में नहर की मरम्मत का काम कराया, लेकिन अब उस काम की क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर काम सही तरीके से हुआ होता तो कुछ ही समय बाद ही पटरी में इतनी बड़ी दरारें नहीं पड़तीं। उनकी जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है। 45 की जगह 25 दिन का टाइम मिला- बब्बर इस मामले को लेकर विभाग के एक्सईएन मुनीश बब्बर ने बताया कि नहर की मरम्मत के लिए विभाग ने 45 दिन का समय मांगा था, लेकिन उन्हें केवल 25 दिन ही दिए गए। इनमें से करीब 15 दिन नहर का पानी पूरी तरह निकालने में ही लग गए। अब बचे 10 दिन में जितना संभव हो सका, उतना काम कराया गया। सीमित समय में पूरा काम करवाना मुश्किल एक्सईएन ने बताया कि कई स्थानों पर नहर में 6 फुट से ज्यादा पानी जमा रहता है। ऐसे में मशीनों और मजदूरों के साथ काम करना आसान नहीं होता। पानी निकालने और काम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद विभाग ने सीमित समय में मरम्मत कराने की कोशिश की। विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर कहीं किसी प्रकार का नुकसान होने की आशंका बनती है तो पानी को नियंत्रित करने की व्यवस्था विभाग के पास मौजूद है। तीन साल पहले नहर मचा चुकी तबाही ठीक 3 साल पहले ठोल गांव के पास नरवाना ब्रांच नहर टूट गई थी। उस घटना में आसपास के कई गांवों में पानी भर गया था और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब यदि इस हिस्से में नहर का कोई बंध टूटता है तो सबसे पहले पानी पास की झील में जाएगा। झील के ओवरफ्लो होने की स्थिति में ज्योतिसर गांव तक पानी पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता है।
Source link
कुरुक्षेत्र में भाखड़ा पहर की पटरी में आई दरारें:हालिया मरम्मत पर उठे सवाल, हादसे की आशंका, एक्सईएन बोले- समय कम मिला, डेमेज कर लेंगे कंट्रोल
