गड़ीसर से जल भरकर करंट महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक:श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया




जैसलमेर में मंगलवार को धार्मिक उत्साह, शिव भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। जिसमें महिला श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। भक्ति, संस्कृति और सनातनी एकजुटता का संदेश देती इस यात्रा में बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग सभी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। डेडानसर मैदान से होते हुए कांवड़ यात्रा अपने अंतिम पड़ाव करंट महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते ही आयोजकों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों पर भव्य पुष्पवर्षा की गई। इसके पश्चात कांवड़ियों ने पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। देश-प्रदेश में समृद्धि एवं शांति की कामना की। भगवा रंगों से पटा शहर कांवड़ यात्रा का शुभारंभ सुबह ऐतिहासिक गड़ीसर तालाब से हुआ। शिव भक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तालाब से पवित्र जल भरकर कांवड़ उठाई और यात्रा के लिए प्रस्थान किया। हाथों में भगवा ध्वज थामे कांवड़िए डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक भजनों पर झूमते नजर आए। गड़ीसर तालाब से शुरू होकर यात्रा गड़ीसर चौराहा, गोपा चौक, गांधी चौक, हनुमान चौराहा और गीता आश्रम चौराहा होते हुए डेडानसर मैदान पहुंची। पूरे यात्रा मार्ग पर ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष गूंजते रहे। ​पुष्पवर्षा कर हुआ भव्य स्वागत शहर के मुख्य मार्गों से गुजरने के दौरान स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों ने कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई तथा कांवड़ियों के लिए शीतल जल, फल व प्रसादी का इंतजाम किया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरा शहर भगवा रंग में रंगा नजर आया। ​करंट महादेव मंदिर में जलाभिषेक और महाप्रसादी डेडानसर मैदान से होते हुए कांवड़ यात्रा अपने अंतिम पड़ाव करंट महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते ही आयोजकों व श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों पर भव्य पुष्पवर्षा की गई। इसके पश्चात कांवड़ियों ने कतारबद्ध होकर पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और देश-प्रदेश में समृद्धि एवं शांति की कामना की। जलाभिषेक के बाद मंदिर परिसर में विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। जिसमें स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं ने शिव महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। ​सामाजिक समरसता का संदेश दिया आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वार्षिक कांवड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य किसी वर्ग विशेष तक सीमित न रहकर संपूर्ण सनातनी हिंदू समाज को एकजुट करना और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति व भक्ति पथ से जोड़ना है। यात्रा में समाज के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।



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