कूनो नेशनल पार्क से गायब मादा चीता निर्वा और यहां हुई स्निफर डॉग की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है।
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अब इस मामले में केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्य मंत्री तथा एनटीसीए के सदस्य सचिव से लिखित शिकायत की गई है। इसके साथ ही मादा चीता के गायब होने के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने और स्निफर डॉग की मौत के मामले में कराई गई जांच में अशोकनगर डीएफओ की रिपोर्ट पर एक्शन लेने का मामला भी दिल्ली पहुंच गया है।
वाइल्ड लाइफ वर्कर अजय दुबे ने कीर्तिवर्धन सिंह राज्य मंत्री, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार तथा सदस्य सचिव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), नई दिल्ली से की गई लिखित शिकायत में कहा है कि कूनो नेशनल पार्क में चल रहे चीता प्रोजेक्ट तथा वन्यजीव प्रबंधन की गंभीर अव्यवस्थाओं, लापरवाही और आपराधिक उदासीनता की स्थिति है।
कूनो नेशनल पार्क में लगातार हो रही घटनाएं न केवल भारत के महत्वाकांक्षी चीता प्रोजेक्ट पर सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के मूलभूत नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।

मादा चीता निर्वा की तलाश के लिए उच्चस्तरीय जांच की जाए
ई मेल के जरिय की गई शिकायत में दुबे ने कहा है कि मादा चीता ‘निर्वा’ की अविलंब खोज के लिए विशेष उच्च स्तरीय सर्च ऑपरेशन चलाया जाए और सैटेलाइट कॉलर विफलता की तकनीकी जांच की जाए।
दोनों स्निफर डॉग्स (‘इलू’ और ‘रूबी’) की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा, डीएफओ थिरु तथा तत्कालीन PCCF (WL) शुभ रंजन सेन की भूमिका की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए।
जांच अधिकारी प्रतिभा अहिरवार (डीएफओ अशोक नगर) की रिपोर्ट पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
कूनो नेशनल पार्क में तेंदुओं एवं वन्यजीवों के शिकार प्रकरणों की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
लापरवाही और उदासीनता के तर्क ऐसे दिए
मादा चीता ‘निर्वा’ का गायब होना एवं कॉलर खराबी
अजय दुबे ने शिकायत में कहा है कि कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ‘निर्वा’ (Nirva) पिछले लगभग 3 महीनों से गायब (untraceable) है। जून माह में उसका रेडियो-ट्रैकिंग सिग्नल धीमा एवं रुक-रुक कर मिलना शुरू हुआ था, जिसके बाद लगभग 3 महीनों से सैटेलाइट कॉलर पूरी तरह खराब पड़ा है और कोई सिग्नल प्राप्त नहीं हो रहा है।
चीता शावकों से अलग होना
मई माह में पालपुर ईस्ट रेंज के अहेरा टूरिज्म जोन में निर्वा को उसके तीन शावकों (2 नर, 1 मादा) के साथ खुले जंगल में छोड़ा गया था। शावक लगभग 13-14 महीने के होकर स्वतंत्र हो चुके हैं, लेकिन मादा चीता निर्वा का लंबे समय से कोई पता न चलना उसकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा करता है।
निगरानी पर सवाल
कूनो प्रबंधन द्वारा ट्रैकिंग टीमों को सर्च ऑपरेशन में लगाने का दावा किया जा रहा है, परंतु 3 महीने तक सैटेलाइट कॉलर खराब रहना और चीता की लोकेशन न मिलना जमीनी स्तर की भारी विफलता और मॉनिटरिंग सिस्टम के ढर्रे को उजागर करता है।
अवैध शिकार एवं सुरक्षा में चूक
दुबे ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में पिछले लंबे समय से तेंदुओं (Leopards) सहित अन्य दुर्लभ वन्य प्राणियों का शिकार हो रहा है। पार्क प्रबंधन शिकारियों और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है, जिससे क्षेत्र में शिकार गिरोह सक्रिय हैं।

कूनो प्रबंधन की लापरवाही से 2 स्निफर डॉग्स की क्रूरतापूर्ण मौत
प्रथम स्निफर डॉग ‘इलू’ की मौत मार्च 2024 में कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर उत्तम शर्मा एवं डीएफओ थिरु की लापरवाही एवं क्रूरता के कारण असमय हुई। प्रमाण उपलब्ध होने के बावजूद तत्कालीन PCCF (वाइल्डलाइफ) शुभ रंजन सेन द्वारा दोषियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
इस अवैधानिक संरक्षण ने दोषी अधिकारियों के हौसले बुलंद कर दिए।
द्वितीय स्निफर डॉग ‘रूबी’ की जून 2026 में पुनः कूनो प्रबंधन की लापरवाही से मृत्यु हो गई। अशोक नगर डीएफओ प्रतिभा अहिरवार ने स्निफर डॉग ‘रूबी’ की मौत की जांच में स्पष्ट रूप से कूनो प्रबंधन की घोर लापरवाही और क्रूरता को उजागर किया है।
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कूनो नेशनल पार्क से मादा चीता निर्वा लापता
कूनो नेशनल पार्क से मादा चीता ‘निर्वा’ एक हफ्ते से ज्यादा समय से लापता है। उसके गायब होने के बाद वन विभाग के अधिकारी गोपनीय तौर पर उसकी तलाश में जुटे हैं। इस बीच मामले में विभागीय लापरवाही के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, पीएमओ, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव से किए जाने की बात सामने आई है।पूरी खबर पढ़ें
