विमान की जांच करने पहुंची डीजीसीए और AAIB की टीम:शव देखते ही माता-पिता हुए बदहवास, पिता बोले- 5 दिन बाद पायलट बनकर आने वाला था बेटा




कानपुर में हादसा ग्रस्त हुए गर्ग एविएशन के चार सीटर प्रशिक्षण विमान की जांच करने के लिए गुरुवार दोपहर को डीजीसीए और एएआईबी की टीमें जांच करने पहुंच गई हैं। टीमों ने हादसे की वजह जानने के लिए उसमें ब्लैकबॉक्स की तरह काम करने वाले रिकॉर्डर को समेत अन्य उपकरण को सुरक्षित कर लिया है। वहीं, दूसरी तरफ हादसे में मृतक ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी के परिवार के लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए हैं। अभिषेक की मां, पिता और नानी शव देखते ही बदहवास हो गईं। पूरा परिवार रो-रो कर बेहाल है। पिता ने कहा कि पूरे परिवार को इंतजार था कि 5 दिन बाद बेटा पायलट बनकर आने वाला हैं, मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। जबिक मृतक पायलट सचिन भाटिया का परिवार दोपहर 2 बजे तक पोस्टमॉर्टम हाउस नहीं पहुंच सका। अभिषेक का पोस्टमॉर्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जबकि सचिन भाटिया के परिवार के पहुंचने का पुलिस और प्रशासनिक अफसर इंतजार कर रहे हैं। पिता बोले-सफलता की दहलीज पर जिंदगी ने दगा दिया यूपी के कानपुर कैंट स्थित गर्ग एविएशन लिमिटेड का प्रशिक्षण विभान टेकनम पी-2006 टी गुरुवार दोपहर को क्रैस होकर गंगा बैराज के पास कटरी के नत्थापुरवा गांव में गिरा। हादसे में विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और पायलट सचिन भाटिया और ट्रेनिंग ले रहे अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से पुलिस और पीएसी ने विमान को घेरा बनाकर सुरक्षित कर दिया था। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तीन सदस्यी टीम गुरुवार को हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस ट्रेनिंग विमान में ब्लैकबॉक्स की जगह लगे रिकॉर्डर समेत अन्य उपकरण का जांच कर रही टीमों ने सुरक्षित किया है। टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि हादसे की वजह तो जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि अगर यह विमान दीवार से नहीं टकराता तो शायद दोनों की जान बच सकती थी, यह विमान ट्रांसगंगा सिटी के ऊपर अनियंत्रित हुआ था और पायलट ने सूझबूझ से विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए गंगा किनारे बाग को चुना, लेकिन फॉर्म हाउस की सीमेंटेड बाउंड्री से विमान टकराने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों की मौत हो गई। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ पायलट की ट्रेनिंग ले रहे मृतक अभिषेक प्रभाकर पुजारी के परिवार के लोग भी शुक्रवार दोपहर कानपुर स्वरूप नगर स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। पनवेल रायगढ़ महाराष्ट्र निवासी अभिषेक के पिता प्रभाकर राजू पुजारी, मां शशिकला, छोटा भाई इलेक्ट्रिक इंजीनियर अभिनव, नानी शंकरी और दोस्त प्रियंका आए हैं। पिता और मां के साथ ही नानी शव देखते ही बदहवास हो गईं। परिवार के सभी लोग पोस्टमॉर्टम हाउस में फफक पड़े, पिता ने कहा कि एक दिन पहले ही तो बात हुई थी, बेटे ने कहा था कि बस 2 सितंबर को वापस आ रहा हूं, 190 घंटे की ट्रेनिंग पूरी हो गई है और महज 10 घंटे की ट्रेनिंग बची है। परिवार में बहुत खुशी थी कि बेटा पायलट बनकर लौट रहा है। लेकिन गुरुवार दोपहर को मिली हादसे की जानकारी में मानें कि सबकुछ बिखर गया। सफलता की दहलीज पर जिंदगी ने दगा दे दिया। दोस्त प्रियंका के भी आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे, बोल रही थी कि इस तरह से कोई छोड़कर जाता है क्या…? पोस्टमॉर्टम हाउस में परिवार वालों को रोता बिलखता देखकर पुलिस वालों की भी आंखें नम हो गईं, हर किसी की जुबान पर था कि पिता के कंधे पर अर्थी ही जिंदगी का सबसे बड़ा बोझ होता है, भगवान यह दिन किसी को नहीं दिखाए। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया तीन डॉक्टरों के पैनल से कराई जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अफसर परिवार की मदद के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस में हैं।



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