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सीकर में 42 साल की महिला के सुसाइड मामले में पति ने एक युवक पर परेशान करने का आरोप लगाया था। अब कोर्ट ने उन आरोपों को झूठा माना है। हालांकि युवक पर सुसाइड के लिए उकसाने का केस चलाने का आदेश दिया है। बता दें कि महिला ने 8 जनवरी 2025 को सुसाइड किया था। अगले दिन पति ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। पति ने ब्लैकमेल कर परेशान करने का लगाया था आरोप परिवादी के एडवोकेट साजिद खान ने बताया कि पति ने पुलिस में दी रिपोर्ट में कहा था कि सुसाइड से पहले पत्नी ने उसे वीडियो कॉल किया था। रोते हुए कहा था कि एक युवक उसे कई दिनों से परेशान और ब्लैकमेल कर रहा है। उससे रुपए और जेवरात भी ले चुका है। इसके बाद 8 जनवरी 2025 को पत्नी ने घर में सुसाइड कर लिया। पुलिस ने पति की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की। पति का आरोप था कि युवक ने ब्लैकमेल और बदनाम करने के नाम पर जेवरात और रुपए हड़प लिए, जिससे परेशान होकर पत्नी ने सुसाइड किया। पुलिस ने जांच में मामला झूठा माना। इस पर महिला के पति ने कोर्ट में याचिका दायर की। उसने अपने बयानों में कहा कि आरोपी युवक का उनके घर पर आना-जाना था। उसने पूरे परिवार का विश्वास जीत लिया था। महिला और युवक के बीच होती थी बात पुलिस को महिला के मोबाइल जांच में सामने आया कि अक्टूबर 2024 से लेकर 8 जनवरी 2025 तक आरोपी युवक और महिला की व्हाट्सएप पर बातचीत होती थी। दोनों एक-दूसरे को वीडियो फोटो शेयर करते थे। घटना से पहले कई बार दोनों के बीच वीडियो कॉल भी हुआ। घटना के दिन भी आरोपी युवक और महिला का आपस में वीडियो कॉल हुआ था। घटना वाले दिन भी दोनों की बीच बातचीत हुई थी। इसके आधार पर अब कोर्ट ने मामले में प्रसंज्ञान लेते हुए महिला के पति के बयान सहित अन्य बयानों और मोबाइल डिटेल के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108(सुसाइड के लिए उकसाने) के तहत कोर्ट में नियमित रूप से ट्रायल चलाने का आदेश दिया है।
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महिला के सुसाइड मामले में युवक पर लगे आरोप झूठे:कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चलाने का दिया आदेश
