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लुधियाना जिले के जगराओं में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार देर शाम नानकसर में धन-धन बाबा नंद सिंह जी कलेरां वाले की 83वीं बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत की। रक्षाबंधन के दिन मुख्यमंत्री ने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ यहां माथा टेका। अपने निर्धारित समय से लगभग तीन घंटे देरी से पहुंचे मुख्यमंत्री सैनी ने नानकसर में सवा घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान उन्होंने संत बाबा लक्खा सिंह जी और बाबा घाला सिंह जी से आशीर्वाद लिया। गुरु दरबार में माथा टेकने के बाद, उन्होंने संगत की सेवा करते हुए श्रद्धालुओं के लंगर के झूठे बर्तन भी साफ किए। सीएम सैनी बोले- यह धार्मिक स्थान, राजनीति पर चर्चा नहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि वह नानकसर में धार्मिक स्थल पर माथा टेकने और संतों का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह भक्ति का स्थान है और यहां किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं होगी। गुरुद्वारा नानकसर भक्ति का घर है, जहां संगत केवल भक्ति और सेवा की भावना से पहुंचती है। मुख्यमंत्री सैनी ने बाबा नंद सिंह जी कलेरां वाले की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी महान भक्ति और बाणी के माध्यम से दुनिया भर में लाखों लोगों को गुरुओं से जोड़ा। उनकी महान तपस्या और असीम कृपा के कारण आज भी देश-विदेश से श्रद्धालु नानकसर में नतमस्तक होने आते हैं। नानकसर में हाजिरी लगाने से मिलती है मन को शांति : सैनी उन्होंने कहा कि नानकसर में हाजिरी लगाने और संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने से मन को शांति मिलती है। यह एक पवित्र स्थान है जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धा लेकर आते हैं और गुरु चरणों में अरदास करते हैं। करीब सवा घंटे तक नानकसर में रुके मुख्यमंत्री ने धार्मिक कार्यक्रम में कीर्तन भी सुना और संगत के बीच सेवा की। राजनीतिक हलकों में भाजपा नेताओं के इस धार्मिक दौरे को लेकर चर्चाएं जरूर रहीं, लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद स्पष्ट किया कि नानकसर की पवित्र धरती पर वह केवल श्रद्धा, सेवा और संतों का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ भाजपा पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों, मोगा के पूर्व विधायक डॉ. हरजोत कमल, भाजपा जिला जगराओं अध्यक्ष डॉ. राजिंदर शर्मा, सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।
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हरियाणा के सीएम ने पंजाब में साफ किए बर्तन:नानकसर में टेका माथा टेका, सवा घंटे तक रुके, कीर्तन सुना, बोले- यह भक्ति का स्थान
