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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दौर में सर्जरी शिक्षा के लिए केवल तकनीक काफी नहीं, बल्कि निर्णय क्षमता, साहस, संवेदना, नैतिकता और विनम्रता सबसे जरूरी है। यह बात केआईएमएस हैदराबाद के डॉ. आरए शास्त्री ने पीजीआई में आयोजित छठी प्रो. बीएल तलवार स्मृति व्याख्यानमाला में कही। डॉ. शास्त्री ने ‘द टीचर लिव्स ऑन: सर्जिकल विजडम फ्रॉम प्रो. बीएल तलवार इन द डिजिटल एरा ऑफ एआई एंड सिमुलेशन’ विषय पर विचार रखे। पीजीआई से 5 दशक पुराना नाता याद कर डॉ. शास्त्री ने इसे घर वापसी बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. तलवार समर्पित गुरु थे। युवा सर्जन को कठिनाई से नहीं, विनाशकारी गलती से बचाने की जरूरत होती है। पीजीआई डायरेक्टर प्रो. विवेक लाल ने कहा कि प्रो. तलवार की विनम्रता व समर्पण संस्थान की पहचान है। रिटायरमेंट के बाद बैंक की लाइन में आम नागरिक की तरह खड़े रहने का संस्मरण साझा कर बोले-विनम्र लोग ही वास्तव में मजबूत होते हैं। वहीं सर्जरी विभाग के हेड प्रो. राजेश गुप्ता ने बताया कि डॉ. शास्त्री गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल, एचपीबी व लिवर ट्रांसप्लांट के अग्रणी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने एनआईएमएस हैदराबाद में सर्जिकल गैस्ट्रो विभाग स्थापित किया और डीन रहे।
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युवा सर्जन को विनाशकारी चूक से बचाना जरूरी है : डॉ. शास्त्री
