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चंडीगढ़ चिन्नी हत्याकांड,ससुर को मरवाना चाहती थी अमरीन:गैंगस्टर लक्की पटियाल को दी सुपारी, चार्जशीट में खुलासा; प्रॉपर्टी विवाद में ससुर-चिन्नी दोनों को हटाना था




मुल्लांपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चिन्नी की हत्या की साजिश रचने की आरोपी सेक्टर-35 निवासी अमरीन कौर राय अपने ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी रास्ते से हटाना चाहती थी। इसके लिए उसने गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क किया था। पुलिस के मुताबिक, अमरीन ने लक्की पटियाल के सामने चिन्नी या अपने ससुर में से किसी एक को मरवाने की बात रखी थी। इस बात का जिक्र अमरीन के पुलिस को दिए बयान के साथ-साथ चिन्नी की हत्या करने वाले शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते वह अपने ससुर से नाराज थी। 9 करोड़ से खरीदी साढ़े 8 एकड़ जमीन पुलिस के अनुसार, अमरीन ने पूछताछ में बताया कि उसके ससुर त्रिलोक सिंह राय का कहना था कि प्रॉपर्टी उन्होंने खुद बनाई है और जब तक वह जिंदा हैं, उसे किसी को नहीं देंगे। वर्ष 2024 में त्रिलोक सिंह ने जीरकपुर में स्माडा होटल के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन 34 से 35 करोड़ रुपये में बेची थी। इस रकम में से उन्होंने अपने दोनों बेटों को 9-9 करोड़ रुपये दिए थे। अमरीन के पति को मिले 9 करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में करीब साढ़े 8 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। यह जमीन चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी ने ही दिलवाई थी। महंगे दाम में जमीन बेचने का पता चला जमीन खरीदने के बाद अमरीन और चिन्नी के बीच रजिस्ट्री को लेकर विवाद शुरू हो गया। अमरीन को बाद में पता चला कि चिन्नी ने उसे मुल्लांपुर की जमीन बाजार भाव से काफी ज्यादा कीमत पर बेची थी। इसी बात को लेकर दोनों के संबंध खराब हो गए। दूसरी तरफ, अमरीन के ससुर को भी इस जमीन के बारे में जानकारी हो गई थी। उन्होंने अमरीन पर जमीन वापस चिन्नी को बेचने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अमरीन को डर था कि अगर जमीन वापस चली गई तो उसके हाथ से करोड़ों की प्रॉपर्टी निकल जाएगी। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद ने उसे चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने की साजिश की तरफ धकेला। लक्की पटियाल से करवाई बात पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, अमरीन ने चिन्नी और अपने ससुर दोनों को रास्ते से हटाने के लिए गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क साधा। इसमें हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा ने उसकी मदद की। हर्षप्रीत ने इंटरनेट मीडिया के जरिए शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान से संपर्क किया। राजन ने पुलिस को बताया कि डब्बा कॉल के जरिए स्पीकर ऑन कर उसकी लक्की पटियाल और अमरीन के बीच बातचीत करवाई गई थी। इस दौरान राजन ने दोनों की बातचीत सुनी थी। पुलिस के अनुसार, इसी बातचीत में अमरीन ने लक्की के सामने चिन्नी या अपने ससुर को मरवाने की बात रखी थी। 18 मार्च को जिम के बाहर चिन्नी की हत्या पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत 18 मार्च को लक्की पटियाल ने राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को चंडीगढ़ भेजा। दोनों ने सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए थे। हालांकि, अगले ही दिन पंजाब पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की साजिश की बड़ी वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि चिन्नी और अमरीन के बीच मुल्लांपुर की साढ़े 8 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। वहीं, अमरीन और उसके ससुर के बीच भी प्रॉपर्टी को लेकर मतभेद चल रहे थे। ऐसे में पुलिस का दावा है कि अमरीन ने दोनों विवादों से छुटकारा पाने के लिए चिन्नी और अपने ससुर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। चार्जशीट में अमरीन के बयान और शूटर राजन के बयान को अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। मामले में पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क, पैसों के लेन-देन और हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।



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