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योगगुरु बाबा रामदेव और बीजेपी सांसद-एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच पैचअप की पूरी कवायद दिल्ली के 14 जनपथ स्थित कंगना रनौत के आवास पर हुई। बाबा रामदेव की ओर से उनके प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला गिफ्ट लेकर कंगना के घर पहुंचे। दोनों ने बात कर सहमति जताई है कि वह सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे। कंगना ने सुलह के बाद अब बाबा रामदेव को राखी भी भिजवाई है। कंगना से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव और कंगना की फोन पर भी बात कराई गई। कंगना के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार मयंक मधुर के मुताबिक, इस बातचीत के साथ दोनों के बीच चल रही नाराजगी और सार्वजनिक बयानबाजी को खत्म करने पर सहमति बन गई है। मयंक के अनुसार, मुलाकात के बाद सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और बाबा रामदेव तथा कंगना रनौत की फोन पर बातचीत कराई गई। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों में जो भी मतभेद पैदा हुए थे, उन पर बात हुई। इस पूरे घटनाक्रम में कंगना के सलाहकार मयंक मधुर की पहल भी अहम रही। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जमीन तैयार करने और विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल करने के बाद रक्षाबंधन के मौके पर यह मुलाकात संभव हो सकी। 14 जनपथ पर हुई यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद पिछले दिनों सार्वजनिक तौर पर काफी चर्चा में रहा था। दोनों की टिप्पणियों और उसके बाद हुई बयानबाजी ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सोशल मीडिया पर भी दोनों के समर्थकों के बीच इसे लेकर बहस होती रही। ऐसे में अब रक्षाबंधन के मौके पर विवाद खत्म करने की पहल को एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कंगना ने कहा- भूल चूक माफ, ईश्वर लंबी आयु दे बाबा रामदेव की ओर से उपहार और मिठाई मिलने के बाद कंगना रनोट ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, ‘त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।’ कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को भेजी राखी सुलह होने के बाद कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को राखी भेजी। उन्होंने अपनी कार्यकर्ता से वह राखी बंधवाई है। क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।” इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने डीडी न्यूज के इंटरव्यू में फिर बाबा रामदेव पर बयान दिया। उन्होंने कहा है, ‘बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।’
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कंगना रनोट-बाबा रामदेव की सुलह की इनसाइड स्टोरी:तोहफे-मिठाई लेकर घर पहुंचे प्रवक्ता, कॉल पर हुई बातचीत; बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई
