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फतेहाबाद में सफाई कर्मचारियों पर प्रशासन की कार्रवाई:पुलिस ने छुड़वाईं कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां, 2 महिला कर्मचारियों को हिरासत में लिया




फतेहाबाद में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब सख्त हो गया है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता की कड़ी हिदायत के बाद जिला प्रशासन ने नगर परिषद कार्यालय में पुलिस बल के साथ कार्रवाई की। प्रशासन ने हड़ताली सफाई कर्मचारियों के कब्जे से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां, लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छुड़ाकर शहर की सफाई के लिए रवाना कर दीं। कार्रवाई के दौरान टकराव की स्थिति इसलिए नहीं बनी, क्योंकि सफाई कर्मचारी पहले ही मशाल जुलूस निकालने के लिए शहर में जा चुके थे। हालांकि, दो महिला कर्मचारियों ने ट्रॉलियों के आगे लेटने की चेतावनी दी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अब प्रशासन के इस कदम के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश तेज हो गई है। अधिकारियों के कार्यालयों में फेंका कूड़ा पुलिस प्रशासन की टीम में जाने के बाद मशाल जुलूस निकालने वाले कर्मचारी जब वापस नगर परिषद कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने जब्त की गाड़ियां गायब मिलीं। जिसके बाद उन्होंने क्षुब्ध होकर आसपास का कूड़ा करकट इकठ्ठा करके नगर परिषद के सभी अधिकारी, प्रधान, उप प्रधान के कार्यालय में उड़ेल दिया। जिसके बाद नाराज कर्मचारियों ने नारेबाजी कर प्रशासन की कार्रवाई पर रोष जताया। सफाई व्यवस्था तुरंत बहाल करने के कड़े आदेश जानकारी के अनुसार, दोपहर को आयोजित हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधान सचिव के तेवरों को देखते हुए उपायुक्त (डीसी) ने नगर परिषद प्रशासन को हर हाल में शहर की सफाई व्यवस्था तुरंत बहाल करने के कड़े आदेश जारी किए। इसके बाद प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस बल की मांग की गई। पूरे घटनाक्रम को शांतिपूर्वक निपटाने के लिए सिटी एसएचओ संजय मोरवाल नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के साथ करीब 2 घंटे तक गुप्त रणनीति बनाते रहे। नगर परिषद कार्यालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा इसी बीच, जैसे ही सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शहर में मशाल जुलूस निकालने के लिए निकले, पुलिस को इशारा मिल गया। तुरंत पुलिस लाइन से डीएसपी संजय बिश्नोई और सिटी एसएचओ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल नगर परिषद कार्यालय परिसर में दाखिल हो गया। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई को देखकर वहां मौजूद इक्का-दुक्का कर्मचारियों और महिला कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने की कोशिश की और कहा कि पुलिस अपनी ताकत कर्मचारियों पर बर्बरता दिखाने के बजाय अपराधियों पर आजमाए। 2 महिला कर्मचारियों को हिरासत में लिया महिला पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रही 2 महिला कर्मचारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों द्वारा कब्जे में ली गई 14 टाटा एस, एक लोडर और एक ट्रॉली के सभी टायरों की हवा निकाली गई थी। प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए मौके पर हवा भरने वाली कंप्रेसर मशीन बुलाई, सभी टायरों में हवा भरवाई और चालकों को चाबियां सौंपकर गाड़ियों को पुलिस सुरक्षा के बीच शहर में कूड़ा उठाने के लिए रवाना कर दिया।



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