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'you will be Killed', चिराग पासवान को मारने की धमकी:इंग्लिश में भेजा लेटर, लिखा- आतंकवादी जल्द ही आपकी हत्या कर देंगे, गृह मंत्रालय से जांच की मांग




केंद्रीय मंत्री और LJP (R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी डाक के जरिए भेजी गई है। जानकारी के मुताबिक, लेटर अंग्रेजी में लिखा है- “You will be killed shortly by hardcore Terrorists”। इसका मतलब है, “कट्टर आतंकवादी आपकी जल्द ही हत्या कर देंगे।” धमकी भरा लेटर मिलने के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही पार्टी कार्यालय ने इसकी सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी है। कार्यालय की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को लिखे गए पत्र में पूरे मामले की जानकारी दी है। साथ ही आवश्यक सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की गई है। धमकी देने वाले की पहचान में जुटी एजेंसियां सूत्रों के मुताबिक, धमकी भरी चिट्ठी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि पत्र कहां से भेजा गया और इसे भेजने के पीछे किसका हाथ है। फिलहाल धमकी देने वाले की पहचान और इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियां पत्र के स्रोत समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। Z सिक्योरिटी में चलते हैं चिराग पासवान चिराग पासवान को वर्तमान में Z कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। उन्हें यह सुरक्षा अक्टूबर 2024 में दी गई थी। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत SSB कमांडो की जगह CRPF के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात हैं। Z सिक्योरिटी के तहत चिराग पासवान की सुरक्षा में कुल 33 जवान तैनात हैं। इनमें 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड उनके आवास पर रहते हैं। इसके अलावा 6 PSO चौबीसों घंटे उनके साथ रहते हैं। तीन शिफ्ट में आर्म्ड एस्कॉर्ट के 12 कमांडो तैनात रहते हैं। वहीं, वॉचर्स शिफ्ट में 2 कमांडो और चौबीसों घंटे 3 प्रशिक्षित ड्राइवर भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं। जुलाई 2025 में भी उन्हें मिली थी धमकी जुलाई 2025 में चिराग पासवान को सोशल मीडिया के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रवक्ता ने पटना साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। आरक्षण के मुद्दे को लेकर चर्चा में हैं चिराग केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आरक्षण के मुद्दे को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने उप वर्गीकरण यानी कोटा के अंदर कोटा और क्रीमी लेयर को लेकर जीतन राम मांझी पर निशाना साधा था और उनसे इस्तीफे की मांग की थी। चिराग का कहना था कि अगर मांझी और उनके बेटे अनुसूचित जाति आरक्षण के भीतर ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने या कोटा के अंदर कोटा के पक्षधर हैं तो उन्हें आरक्षण का लाभ लेने का अधिकार नहीं है। नैतिकता के आधार पर सबसे पहले केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।



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