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लुधियाना। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) को लेकर चल रही बहस का असर अब पंजाब के पोल्ट्री सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। पोल्ट्री किसानों का कहना है कि पिछले तीन महीनों में पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इससे अंडे के उत्पादन की लागत बढ़ गई है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में अंडे महंगे होने की आशंका बढ़ गई है। मक्का के दाम 2,000 से बढ़कर 2,500 रुपए क्विंटल प्रोग्रेसिव पोल्ट्री फार्मर्स एसोसिएशन पंजाब के चेयरमैन मोहिंदर अरोड़ा ने बताया कि मक्के की कीमत करीब 2,000 रुपए से बढ़कर 2,500 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है। वहीं बाजरे के दाम भी करीब 2,000 रुपए से बढ़कर 2,350 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में मक्के के इस्तेमाल को लेकर बाजार में बढ़ी मांग और गतिविधियों के कारण मक्के के दाम में तेजी आई है। अरोड़ा के मुताबिक, फीड महंगा होने के बावजूद फिलहाल अंडे के दाम अपेक्षाकृत स्थिर हैं। हालांकि मानसून से पहले करीब 6 रुपए में बिकने वाला एक अंडा अब खुदरा बाजार में करीब 7 रुपए तक पहुंच गया है। यदि उत्पादन लागत में और बढ़ोतरी होती है तो इसका असर आने वाले समय में अंडे की खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। गर्मी में भी उत्पादन पर पड़ा था असर पोल्ट्री सेक्टर पहले ही इस गर्मी में मुश्किल दौर से गुजर चुका है। अत्यधिक तापमान और पक्षियों में बीमारियों के कारण अंडे का उत्पादन प्रभावित हुआ था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, उस दौरान उत्पादन कम होने से अंडे की कीमतों में अस्थायी बढ़ोतरी हुई थी। 400 से ज्यादा पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन से जुड़े एसोसिएशन के अध्यक्ष जस्मीत डांगो ने कहा कि पंजाब के पोल्ट्री किसान लगातार बढ़ती फीड कीमतों का असर झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन से राज्य के 400 से ज्यादा पोल्ट्री फार्म जुड़े हुए हैं। फीड की कीमत बढ़ने से एक अंडे की उत्पादन लागत करीब 5.50 रुपए तक पहुंच गई है। ऐसे में किसानों के पास लागत में और बढ़ोतरी को खुद वहन करने की गुंजाइश काफी कम रह गई है। पोल्ट्री किसानों को डर है कि यदि फीड की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो अतिरिक्त लागत का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर डालना पड़ सकता है। अंडे के दाम में और बढ़ोतरी से आम परिवारों के बजट पर भी दबाव बढ़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब चीनी और सब्जियों समेत कई जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतें पहले से बढ़ी हुई हैं।
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एथेनॉल के लिए मक्का की बढ़ी मांग:पंजाब में महंगा हुआ पोल्ट्री फीड; अंडे की कीमत बढ़ने का खतरा
