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डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के टेल-एंड एरिया में प्रस्तावित ₹5.4 करोड़ के लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (LTP) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) ने प्लांट के डिजाइन की तकनीकी जांच कर उसे वेट कर दिया है। अब नगर निगम परियोजना पर आगे बढ़ सकता है। बरसात का मौसम खत्म होने के बाद साइट पर ग्राउंड वर्क शुरू होने की उम्मीद है। 250 KLD क्षमता, डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले पानी का होगा उपचार प्रस्तावित प्लांट की क्षमता 250 KLD (किलोलीटर प्रतिदिन) होगी। इसका उद्देश्य डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले लीचेट यानी कचरे से रिसने वाले गंदे पानी को एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले लीचेट का निर्धारित पर्यावरणीय और प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार उपचार हो। PEC ने फ्लो, एरेशन और क्षमता की जांच की नगर निगम ने LTP का डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसी के डिजाइन की तकनीकी जांच के लिए PEC को थर्ड पार्टी कंसल्टेंसी एजेंसी के रूप में नियुक्त किया था। PEC विशेषज्ञों ने प्लांट के फ्लो, एरेशन और क्षमता समेत कई तकनीकी पहलुओं की जांच की। इसके अलावा लीचेट के उपचार के लिए बनाए जाने वाले डेडिकेटेड ट्रीटमेंट टैंक के डिजाइन को भी विस्तार से देखा गया। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार LTP प्रोजेक्ट में कई तकनीकी पहलू शामिल हैं। इसी वजह से डिजाइन की जांच और तकनीकी सलाह के लिए PEC विशेषज्ञों की मदद ली गई। परियोजना के लिए चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) से भी तकनीकी सहायता ली गई है। एजेंसी के साथ काम शुरू करने को लेकर बैठक नगर निगम की ओर से कुछ महीने पहले चयनित एजेंसी ने प्लांट का डिजाइन तैयार कर उसे PEC से वेटिंग के लिए भेजा था। अब डिजाइन और संबंधित दस्तावेजों की तकनीकी जांच पूरी हो चुकी है। अधिकारियों ने एजेंसी के साथ साइट पर काम शुरू करने को लेकर प्रारंभिक बैठक भी की है। बरसात के बाद टेल-एंड एरिया में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी साइट पर चल रहे काम की निगरानी करेंगे और जरूरत के अनुसार समय-समय पर इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपेंगे।
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चंडीगढ़ डंपिंग ग्राउंड पर ₹5.4 करोड़ का लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट:PEC ने डिजाइन को दी मंजूरी, 250 KLD क्षमता वाले प्लांट का रास्ता साफ
