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पहियों पर म्यूजिक क्रांति-हादसों से निकले सुर, देशभर में गूंजा फ्लोइंग कर्मा




देखने में सभी म्यूजिक रिहर्सल करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इनकी कहानी इससे कहीं ज्यादा आगे है। सभी ने संगीत का कोई न कोई एक रूप चुन लिया है, मगर सभी के सफर में एक पड़ाव सामान्य रहा, वह है व्हीलचेयर का ज़िंदगी में आना। यह भी सच है कि जीवन में यह मुश्किल न आई होती तो 2019 में सेक्टर-28 के स्पाइनल रिहैब सेंटर में इलाज के लिए पहुंचे यह सदस्य फ्लोइंग कर्मा बैंड न बनाते। सेंटर की फाउंडर निक्की पी कौर हैं। आज वर्ल्ड स्पाइनल कॉर्ड इंजरी डे है। इसे 7 सितंबर को सेंटर में भी सेलिब्रेट किया जाएगा। इसके लिए बैंड मेंबर्स रिहर्सल कर रहे हैं। बैंड की शुरुआत को लेकर ड्रमर राहुल ने बताया – जब सेंटर पर त्रिदीप चौधरी को संगीत से जुड़ा हुआ देखा तो फाउंडर निक्की पी कौर ने तय किया कि क्यों न एक बैंड बने, जिसमें बाकी सदस्य भी शामिल हों जिन्हें संगीत में दिलचस्पी है। सब ठीक जा रहा था, लेकिन कोविड में त्रिदीप का देहांत हो गया और तब बैंड रुक गया। 2022 में गिटारिस्ट हार्दिक शर्मा बैंड में शामिल हुए तो फिर से बैंड शुरू हुआ। हार्दिक स्पेशली-एबल्ड नहीं हैं। इन्होंने हमारे बैंड को नया जीवन दिया। अपनी बात करूं तो लखनऊ में मेरा बाइक एक्सीडेंट हो गया था। मेरे शरीर काम नहीं करता। केवल हाथ की अंगुलियां हैं, जो थोड़ा मूव करती हैं, उसी से लेपटॉप चलाता हूं और काम करता हूं। बैंड में इन्हीं के जरिए ड्रम बजा लेता हूं। चाइम्स पर अजय राज हैं, जो पेन को मुंह में पकड़कर चाइम्स पर लगाते हैं तो धुन बजती है। उन्होंने बताया – 2006 में मेरी बाइक की ट्रक के साथ टक्कर ने सब बदल दिया। मैं दसवीं में था। रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई थी, ऑपरेशन के बाद भी कोई सुधार नहीं आया। सी4 स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के कारण हाथ, पीठ के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। व्हीलचेयर पर आने के बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। पापा की मदद करने के लिए मैंने शहर आने की ठानी। चंडीगढ़ में पेंटिंग वर्कशॉप के लिए आया तो सेक्टर-28 के स्पाइन रिहैबिलिटेशन सेंटर के बारे में जाना। तब से मैं यहीं हूं। अभी बैंड में लीड वोकलिस्ट संदीप सिंह हैं। उन्होंने बताया – मैं रानीगंज दुर्गापुर बैंड से हूं। झारखंड में काम करता था। एक दिन रेल सफर में चोरों ने हल्ला बोल दिया आैर सामान चुराते हुए गोलियां चलाने लगे। गोली मेरी रीढ़ की हड्डी में लगी, तब से बिलो वेस्ट पैरालिसिस है। गाने का शौक शुरू से था तो बैंड में सिंगिंग करने लगा। वोकलिस्ट अस्मित खाटी ने बताया- हमारे घर में चोरों ने डाका डाला था। उन्हीं से झड़प के दौरान मेरी पीठ में गोली लग गई थी। बेस गिटारिस्ट आशीष वर्मा को भी स्पाइन में इंजरी आई थी। जल्द ही म्यूजिक वीडियो लॉन्च करेंगे… ड्रमर राहुल सिंह ने बताया – हमारा बैंड केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में एक्टिव है। पिछले दिनों हम गोवा में परफॉर्म करके आए हैं। हमारे बैंड में संदीप सिंह और अश्मित खाटी वोकलिस्ट हैं। रिदम् गिटारिस्ट हरि कृष्ण, इलेक्ट्रिक गिटारिस्ट सुमित ठाकुर, बेस गिटारिस्ट आशीष हैं। चाइम्स पर अजय राज और ड्रम्स मैं राहुल संभालता हूं। हम अपना खुद का एक ऑडियो सॉन्ग लॉन्च कर चुके हैं। जल्द ही म्यूजिक वीडियो लॉन्च करने वाले हैं। हम सभी ने मिलकर गीत लिखा और नई कंपोजिशन पर काम जारी है। यह गीत प्रेरणादायक होगा। इसे नाम दिया- फ्लोइंग कर्मा। यह एक तरह से व्हील्स पर म्यूजिक रेवोल्यूशन है।



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