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माइग्रेन, नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले तेज सिरदर्द का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा माइग्रेन भी होता है जिसमें सिर में दर्द नहीं होता, बल्कि सिर्फ भयंकर चक्कर आते हैं? इसे वेस्टिबुलर माइग्रेन वेस्टिबुलर माइग्रेन कहते हैं। यह एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जो हमारे शरीर का संतुलन बिगाड़ देता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. जेफ्री शेरोन इसे एक ऐसी सबसे आम बीमारी कहते हैं, जिसके बारे में लोगों ने कभी सुना ही नहीं। यह नॉर्मल माइग्रेन से अलग है माइग्रेन में दिमाग की नसें सक्रिय होने से तेज सिरदर्द होता है, जबकि वेस्टिबुलर माइग्रेन कान के अंदरूनी वेस्टिबुलर सिस्टम को प्रभावित करता है, जो शरीर का संतुलन और आंखों के मूवमेंट संभालता है। इससे वर्टिगो (तेज चक्कर), तेज रोशनी, आवाज व गंध के लिए संवेदनशीलता बढ़ जाती है। किसे ज्यादा खतरा, बचाव कैसे? एंग्जायटी, डिप्रेशन, सिर में चोट या माइग्रेन का इतिहास खतरा बढ़ाता है। इलाज लक्षणों के अनुसार दवा और सप्लीमेंट्स से किया जाता है। अच्छी नींद, कम तनाव व कैफीन-अल्कोहल से दूरी इसमें मददगार है।
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ब्रेन हेल्थ:चक्कर आना और संतुलन बिगड़ना भी माइग्रेन का संकेत; तनाव से बढ़ता है वेस्टिबुलर माइग्रेन का जोखिम
