![]()
चंडीगढ़ पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने के लिए अब बड़े विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 98 करोड़ रुपए की लागत से एडवांस आई सेंटर का नया 6 मंजिला ब्लॉक बनाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस परियोजना को पहले ही मंजूरी दे चुका है। चंडीगढ़ प्रशासन से डिजाइन को प्राथमिक मंजूरी मिलने के बाद अब विस्तृत नक्शा पर्यावरण मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। पीजीआई प्रशासन अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को औपचारिक मंजूरी के लिए दिल्ली में होने वाली गवर्निंग बॉडी की बैठक में रखेगा। पिछले करीब तीन महीने से गवर्निंग बॉडी की बैठक नहीं होने के कारण परियोजना की मंजूरी का मामला आगे नहीं बढ़ पाया था। अब जल्द होने वाली बैठक में डीपीआर रखे जाने की तैयारी है। पीजीआई प्रशासन एडवांस न्यूरो साइंस सेंटर और एडवांस मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर शुरू होने के बाद अब अन्य बड़े प्रोजेक्ट की औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करना चाहता है। 2 मंजिलों पर नशा मुक्ति केंद्र पीजीआई की ओर से तैयार नए डिजाइन के अनुसार नया ब्लॉक 6 मंजिला होगा। इसमें दो मंजिलों का इस्तेमाल नशा मुक्ति केंद्र के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी चार मंजिलें एडवांस आई सेंटर के विस्तार के लिए होंगी। आई सेंटर के मौजूदा और नए ब्लॉक को आपस में जोड़ा जाएगा। डिजाइन के अनुसार दोनों इमारतों को दूसरी और तीसरी मंजिल के स्तर पर बनाए जाने वाले कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इससे मरीजों और कर्मचारियों को एक भवन से दूसरे भवन तक आने-जाने में आसानी होगी। चार नए ऑपरेशन थिएटर से घटेगी सर्जरी की वेटिंग नए ब्लॉक में चार नए ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे। मौजूदा समय में एडवांस आई सेंटर में ऑपरेशन थिएटर की सीमित संख्या के कारण मरीजों को कई सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। चार नए ऑपरेशन थिएटर शुरू होने के बाद सर्जरी की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों की वेटिंग कम होने की उम्मीद है। खासतौर पर मोतियाबिंद समेत अन्य आंखों की सर्जरी के लिए मिलने वाली लंबी तारीखों में राहत मिल सकती है। नए ब्लॉक में मरीजों के लिए 18 बेड का अलग वार्ड बनाया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक मशीनें और नई प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। पीजीआई प्रशासन का मानना है कि आधुनिक सुविधाएं बढ़ने से जांच और इलाज की क्षमता में भी इजाफा होगा। इससे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों को फायदा मिलेगा। रोज 1400 मरीजों की ओपीडी वर्ष 2006 में शुरू हुए एडवांस आई सेंटर पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में यहां रोजाना करीब 1400 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि करीब 100 मरीजों की सर्जरी की जाती है। आंखों के इलाज के अलावा पीजीआई के अन्य विभागों से भी मरीजों को जांच और विशेषज्ञ सलाह के लिए एडवांस आई सेंटर भेजा जाता है। एंडोक्राइनोलॉजी, जनरल सर्जरी समेत कई विभागों के मरीजों को आंखों की जांच या विशेषज्ञ राय की जरूरत पड़ने पर यहां रेफर किया जाता है। एडवांस आई सेंटर में करीब 30 फैकल्टी सदस्य हैं और यहां आठ विशेष क्लीनिक भी चलाए जा रहे हैं। आंखों से जुड़े लगभग सभी प्रमुख टेस्ट की सुविधा भी इसी सेंटर में उपलब्ध है। इसके बावजूद सीमित ऑपरेशन थिएटर होने के कारण सर्जरी की वेटिंग बढ़ जाती है। खासतौर पर मोतियाबिंद जैसी सर्जरी के लिए मरीजों को एक से तीन महीने बाद की तारीख मिल रही है। नए ब्लॉक और चार अतिरिक्त ऑपरेशन थिएटर बनने के बाद इस स्थिति में सुधार की उम्मीद है। नई पार्किंग का 95% काम पूरा पर्यावरण मंजूरी का इंतजार पीजीआई में पार्किंग की समस्या भी लगातार बनी हुई है। करीब 650 गाड़ियों की क्षमता वाली नई पार्किंग का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन इसे अभी पर्यावरण मंजूरी मिलने का इंतजार है। पार्किंग शुरू नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। कई लोगों को अपनी गाड़ियां सेक्टर-11 या पीजीआई की ओर जाने वाली सड़क के आसपास खड़ी करनी पड़ रही हैं। पीजीआई परिसर में कुल मिलाकर करीब 5500 वाहनों की पार्किंग क्षमता है, लेकिन मरीजों के लिए केवल करीब 1400 वाहनों की जगह उपलब्ध है। बाकी पार्किंग सुविधाओं का बड़ा हिस्सा पीजीआई कर्मचारियों के लिए निर्धारित है। यही कारण है कि लगभग तैयार नई पार्किंग को जल्द पर्यावरण मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही पार्किंग शुरू होने से पीजीआई आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Source link
चंडीगढ़ PGI के एडवांस आई सेंटर का होगा विस्तार:98 करोड़ से बनेगा,चार नए ऑपरेशन थिएटर, पुराने भवन से दो मंजिलों पर कॉरिडोर से जुड़ेगा
