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अब तक हम सुनते आए हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से डायबिटीज या हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है। लेकिन नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल, यूके में छपे शोध के मुताबिक, इससे शरीर में 12 तरह के कैंसर का खतरा 25% तक बढ़ जाता है। इसमें शरीर के सेल्स इंसुलिन पहचानना बंद कर देते हैं व खून में मौजूद ग्लूकोज इस्तेमाल नहीं कर पाते। यही स्थिति कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा देती है। इन 12 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है रिसर्च के मुताबिक, इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़े इन 12 कैंसर को खतरे के हिसाब से दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले भाग में वे कैंसर हैं जिनमें सबसे ज्यादा जोखिम है। इनमें गर्भाशय यानी एंडोमेट्रियल कैंसर, किडनी, पैनक्रियाज, कोलोन, ब्रेस्ट और इसोफेगल यानी भोजन की नली का कैंसर शामिल हैं। दूसरे भाग में वे 6 कैंसर हैं, जिनका जोखिम थोड़ा कम है। इनमें रीनल पेल्विस, छोटी आंत, पेट, लिवर, गॉलब्लैडर, ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर और फेफड़ों व ब्रोन्कियल कैंसर शामिल हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस की समय रहते पहचान होने और अपनी जीवनशैली में सुधार करने से इस जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। गर्भाशय के कैंसर का जोखिम 134% ज्यादा पाया गया इस स्टडी में इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले मरीजों में यूटेराइन यानी गर्भाशय या एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा 134% तक पाया गया। कैलिफोर्निया के कैंसर एक्सपर्ट डॉ. स्टीफन ग्रुबर के मुताबिक, इंसुलिन रेजिस्टेंस से ऐसे हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो यूट्रस की अंदरूनी परत की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने में मदद कर सकते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ता है। खुद को इस खतरे से कैसे बचाएं? सिर्फ वजन नहीं बॉडी फैट प्रतिशत भी चेक करें सामान्य वजन वाले लोग भी ज्यादा फैट या इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण कैंसर के शिकार हो सकते हैं। इसलिए वजन के साथ बॉडी फैट प्रतिशत की भी जांच कराएं। इसका सबसे सटीक टेस्ट ‘डेक्सा (DEXA) स्कैन’ है। वहीं, कई जिम या फिटनेस सेंटर्स में ‘बीआईए मशीन’ से भी शरीर का फैट लेवल मापा जा सकता है। फैट का स्तर 30% से नीचे रखने का टारगेट बनाएं। एक रिसर्च में सामान्य वजन के साथ 33% से ज्यादा फैट वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा दोगुने से ज्यादा पाया गया। खाने में फाइबर जोड़ें, हफ्ते में 150 मिनट ब्रिस्क वॉक करें अपनी आदतों और खान-पान को सुधारकर इंसुलिन रेजिस्टेंस को ठीक किया जा सकता है, जिससे कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है। जो चीजें दिल को तंदुरुस्त रखती हैं, वही कैंसर से भी बचाती हैं। इसके लिए भोजन में ज्यादा फाइबर वाली चीजें लें। इसमें हरी सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज जैसी चीजें शामिल करें। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तेज पैदल चलें। हफ्ते में दो दिन वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करें, क्योंकि इससे शरीर में इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करने लगता है।
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हेल्थ रिसर्च:सिर्फ डायबिटीज नहीं, इंसुलिन रेजिस्टेंस से कैंसर का जोखिम भी 25% तक संभव
