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पशुपतिनाथ मंदिर के विकास के लिए बना प्लान A-B-C:कलेक्टर ने दिए निर्देश, भक्त निवास से पार्किंग और ऑनलाइन सुविधाओं का होगा विस्तार




मंदसौर में सिंहस्थ को देखते हुए पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसी को लेकर मंदिर प्रबंध समिति की एक खास बैठक बुधवार को मंदिर परिसर के सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने की। इसमें सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक विपिन जैन, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर और जनपद पंचायत अध्यक्ष बसंत शर्मा समेत कई अधिकारी और समिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में पशुपतिनाथ मंदिर के विकास कार्यों को प्लान A, B और C के तहत प्राथमिकता से कराने पर बात हुई। तय किया गया कि सबसे जरूरी कामों को पहली, जरूरी कामों को दूसरी और कम जरूरी कामों को तीसरी कैटेगरी में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मंदिर के पूरे विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी निर्माण कार्य एक ही थीम पर और सही तरीके से हो सकें। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदसौर पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए पशुपतिनाथ भक्त निवास बनाने पर चर्चा हुई। मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जमीन खरीदने और उपलब्ध जमीन बढ़ाने के विकल्पों पर भी बात हुई। मंदिर परिसर में आसान दर्शन के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था को ठीक करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में पशुपतिनाथ मंदिर की वेबसाइट बनाने और ऑनलाइन सुविधाओं को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसमें ऑनलाइन डोनेशन समेत मंदिर से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने पर काम करने की बात सामने आई। समिति ने मंदिर की व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाने पर भी बात की। कलेक्टर ने मंदिर को मिलने वाली दान राशि का अच्छे और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। मंदिर परिसर और चंद्रपुरा स्थित अतिथिगृह में सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइट लगाने पर भी बात हुई। इसके अलावा, तापेश्वर मंदिर का फर्श बदलवाने समेत दूसरे विकास कार्यों को लेकर भी बैठक में बातचीत हुई। बैठक में शिवना नदी में पूजा सामग्री प्रवाहित किए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। श्रद्धालुओं को नदी में पूजा सामग्री डालने से रोकने के लिए परिसर में विशेष कलश लगाने का सुझाव दिया गया, ताकि भक्त अपनी पूजा सामग्री उसमें डाल सकें और नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। पुजारियों के वेतन और संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा मंदिर में सेवा दे रहे पुजारियों के वेतनमान बढ़ाने और पुजारियों की संख्या बढ़ाने के विषय पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक में आरओ वाटर के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया, ताकि प्रतिमा के क्षरण को कम करने में मदद मिल सके। विधायक बोले- एक थीम पर हों सभी निर्माण कार्य विधायक विपिन जैन ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में उनके ठहरने के लिए भक्त निवास बनाने और मंदिर में होने वाले निर्माण कार्यों को प्लान A, B और C के तहत प्राथमिकता के आधार पर कराने पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में होने वाले सभी निर्माण कार्य एक ही थीम और स्वरूप के अनुरूप हों, इस पर भी विचार किया गया। वेबसाइट और ऑनलाइन डोनेशन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। सांसद बोले- बेहतर सुविधा देना प्राथमिकता सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि पशुपतिनाथ मंदिर देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालु भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए भी पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंदिर के आसपास भूमि की उपलब्धता बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पुजारियों के वेतनमान, डिजिटाइजेशन और वेबसाइट डेवलपमेंट सहित करीब 7 प्रमुख एजेंडा पर चर्चा हुई, जबकि 8 से 10 अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास को लेकर सकारात्मक माहौल में आगे काम किया जाएगा।



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