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राजस्थान में ग्रेड थर्ड टीचर AI से फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाकर किसी भी जिले के किसी के किसी भी स्कूल में जॉइनिंग करा देता। एक लेटर के 50 हजार रुपए लेता। लोगों को मंत्री-अधिकारियों से पहचान का झांसा देता। हाल ही एक महिला टीचर के मामले में एफआईआर दर्ज हुई तो फर्जी डेपुटेशन लेटर का सच सामने आया। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि ग्रेड थर्ड टीचर सौरव शर्मा ने सिर्फ महिला टीचर ही नहीं 4 और टीचर के फर्जी डेपुटेशन लेटर तैयार किए थे। टीचर्स ने ड्यूटी जॉइन कर ली, तब भी विभाग को पता नहीं चला। इतना ही नहीं, सौरव ने पहले फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाकर खुद की घर के पास के स्कूल में ड्यूटी लगवाई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अजमेर के गंज थाने में 23 अगस्त को प्रिंसिपल विनय कुमार जैन ने रिपोर्ट दी कि महिला टीचर सुमन देवी राउप्रावि रेल की डांग, मीठा बेरा, अजमेर में कार्यरत है। 19 अगस्त को सुमन देवी ने निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर का आदेश दिखाया। आदेश में लिखा था कि आचार संहिता लगने वाली है। आदेश में सुमन को शैक्षणिक कार्य व्यवस्थार्थ राउप्रावि ढाणी बेरवाल, भादरा, हनुमानगढ़ में लगाया गया। आदेश के अनुसार सुमन को ऑफलाइन ही कार्यमुक्त करना था। आदेश पर विश्वास कर सुमन को कार्यमुक्त कर दिया गया। बाद में जांच में पता चला कि आदेश फर्जी है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर ने सुमन को निलंबित कर दिया। चार जिलों के स्कूल और टीचर्स से पड़ताल कर मास्टरमाइंड का पता लगाया मामला सामने आने के बाद रिपोर्ट ने फलोदी, जोधपुर, अजमेर और हनुमानढ़ के स्कूल टीचर्स से बात की। उन्होंने सौरव शर्मा के बारे में बताया, जो रतकुड़िया में ग्रेड थर्ड लेवल-1 का टीचर है। भोपालगढ़ के रहने वाले सौरव शर्मा की पहली पोस्टिंग साल 2023 में फलोदी के घंटियाली ब्लॉक में चाखू गांव के सरकारी स्कूल में हुई। ऐसे में सौरव ने अपने घर के पास सरकारी स्कूल में ड्यूटी करने के लिए AI से फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाया था। लेटर में उसने अपने भोपालगढ़ के घर से महज 13 किलोमीटर दूर रतकुडिया गांव में स्थित चौधरी गुल्लाराम राउमावि में डेपुटेशन पर जॉइन कराने का आदेश था। इस लेटर में तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग (बीकानेर) के निदेशक सीताराम जाट के फर्जी सिग्नेचर थे। स्कूल के प्रिंसिपल ने आदेश पर भरोसा कर उसे जॉइन करा दिया। अपने गांव के पास रतकुड़िया स्कूल जाने से पहले सौरव एक महीने जोधपुर भी रहा था। फलोदी के चाखू स्कल के प्रिंसिपल रामफल ने बताया कि मई 2026 में करीब एक महीने के लिए डेपुटेशन पर सौरव जोधपुर में सरकारी विभाग में रहा था। वहां एक महीने तक ड्यूटी करने के बाद वो वापस चाखू स्कूल आ गया था। इसके कुछ समय बाद उसने यहां से रतकुड़िया सरकारी स्कूल चला गया था। पांचवीं तक पढ़ाने वाले टीचर का ट्रांसफर 9वीं क्लास के स्कूल में ग्रेड थर्ड के सरकारी टीचर को 2 लेवल में बांट रखा है। लेवल 1 के टीचर पहली से आठवीं और लेवल 2 के टीचर पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों में पढ़ाते हैं। सौरव शर्मा ग्रेड थर्ड के लेवल 2 का टीचर है। वहीं जिस स्कूल का उसने फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाया, वह कक्षा 9 से 12वीं तक था। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने सौरव शर्मा का दिया डेपुटेशन ऑर्डर देखकर जॉइन करा दिया। डेपुटेशन का आदेश शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूल में भेजा जाता है। मंत्री और अधिकारियों से पहचान बताकर लोगों को फंसाया रतकुड़िया सरकारी स्कूल में ग्रेड थर्ड लेवल-2 के टीचर नंदलाल मील हनुमानगढ़ के भादरा के रहने वाले हैं। नंदलाल मील ने भादरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दी कि स्कूल में सौरव शर्मा ने दूसरे टीचर्स को बताया कि उसकी मंत्री व शिक्षा अधिकारियों से पहचान है। रोक के बावजूद उसने अपना ट्रांसफर करा लिया। सौरव ने दावा किया कि बीकानेर शिक्षा विभाग में उच्च पद पर लगे अधिकारी हरिराम जाखड़ उसकी पहचान के हैं। उसने हरिराम जाखड़ बताकर एक आदमी से टीचरों की फोन पर बात भी कराई। खुद को हरिराम जाखड़ बताने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि वो किसी भी जिले में ट्रांसफर करा सकता है, स्कूल में पद खाली न हो तो भी। एक ट्रांसफर कराने के 50 हजार रुपए लेता नंदलाल मील ने बताया कि वो दिव्यांग हैं। उकी ड्यूटी तकुड़िया सरकारी स्कूल में थी, जो उसके घर (हनुमानगढ़ के भादरा में) से 450 किलोमीटर दूर था। सौरव ने झांसा दिया कि वो उनका ट्रांसफर करा देगा। 13 अगस्त को लेटर दे दिया, जिसमें भादरा के मेहलिया गांव की सरकारी स्कूल में डेपुटेशन के आदेश थे। नंदलाल ने वहां जॉइन भी कर दिया। नंदलाल ने बताया कि सौरव ने एक और टीचर सुमन से डेपुटेशन के बदले 50 हजार रुपए मांगे थे। पैसे काम होने के बाद देना तय हुआ। सौरव ने 19 अगस्त को अजमेर के मिठाबेरा में रेलका डांग की सरकारी स्कूल से भादरा के बेरवालों की ढाणी स्कूल में डेपुटेशन का लेटर दे दिया। सौरव ने नंदलाल और सुमन के अलावा कमलेश चौधरी को तिंवरी से और सीमा को बिलाड़ा से रतकुड़िया के सरकारी स्कूल में फर्जी डेपुटेशन लेटर से ज्वॉइनिंग करवा दी। निकाय चुनाव में डेपुटेशन कराने से खुली पोल सौरव ने सुमन देवी और नाहरपुरा सरकारी स्कूल के टीचर श्यामलाल ताड़ा के फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाए थे। इन लेटर में निकाय चुनाव में डेपुटेशन पर ड्यूटी के आदेश दिए गए थे। फर्जी डेपुटेशन लेटर लेकर सुमनदेवी स्कूल गई। आदेश देखकर प्रिंसिपल ने उसे रिलीव कर दिया। उसने हनुमानगढ़ के भादरा में सरकारी स्कूल में जॉइन भी कर लिया। प्रिंसिपल को निकाय चुनाव के दौरान डेपुटेशन को लेकर शक हुआ और आदेश की जांच करवाई। जांच में आदेश फर्जी निकला। श्यामलाल ताड़ा के आदेश की भी जांच हुई तो वो भी फर्जी निकला। अजमेर शिक्षा विभाग ने सुमन देवी और श्यमालाल ताड़ा दोनों को सस्पेंड कर दिया। दोनों के खिलाफ गंज और मांगलियावास थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। एक दिन पहले फर्जी सिग्नेचर से लेटर बनाए राजस्थान के प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट(आईएएस) का रिटायरमेंट 31 जुलाई 2026 को हुआ था। सौरव ने सीताराम जाट के फर्जी सिग्नेचर करके फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाए थे। लेटर में तारीख जानबूझकर 30 से 31 जुलाई रखी ताकि कोई कंफर्म भी करना चाहे तो सीताराम से संपर्क न हो पाए। प्रिंसिपल बोले- विभाग करेगा कार्रवाई भास्कर ने मामले में चौधरी गुलाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रतकुड़िया के प्रिंसिपल सुरेशचंद से बात की। उन्होंने कहा सौरव शर्मा अपना और कमलेश चौधरी का डेपुटेशन लेटर लाया था। सीमा और नंदलाल रतकुड़ियां की सारणों की ढाणी स्कूल के हैं। डेपुटेशन लेटर फर्जी होने के सवाल पर उन्होंने कहा- हमें कैसे पता लगता? आदेश देखकर जॉइनिंग करा दी। इसके बाद जानकारी आगे भेजी जाती है। फिर विभाग के अधिकारी चेक करके बताते है तो पता लगता है। उन्होंने कहा- सौरव शर्मा के खिलाफ कार्रवाई तो विभाग के अधिकारी करेंगे। पुलिस में भी मामला दर्ज है। शिक्षा अधिकारी बोलीं- निदेशालय के निर्देश अनुसार कार्रवाई करेंगे भास्कर ने मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा प्रतिभा शर्मा से बात की। उनका कहना है कि CBEO और विद्यालय से प्राप्त शिकायत में कुछ आदेश फर्जी होने की बात सामने आई है। जांच और अग्रिम मार्गदर्शन के लिए प्राप्त आदेशों को बीकानेर निदेशालय स्तर पर भेजा गया है। क्योंकि यह आदेश जिले से बाहर के हैं। मामले में निदेशालय से प्राप्त निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी(CDEO) जोधपुर मंजू शर्मा का कहना है कि इस मामले पर हमारे विभाग से कोई लेटर नहीं निकला है। इसलिए इस पर मैं कुछ नहीं कह सकती हूं।
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50 हजार देकर बिना ट्रांसफर मनचाहे स्कूल में पोस्टिंग:ग्रेड थर्ड टीचर AI से फर्जी डेपुटेशन लेटर बनाता, 5 टीचर्स ने जॉइनिंग भी की
