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अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र के पसैया गांव में सरयू नदी में डूबे नाना-नाती के शव गुरुवार को बरामद किए गए। 55 वर्षीय जगराम अपने 15 वर्षीय नाती शिवा के साथ बुधवार को भैंस नहलाने नदी पर गए थे। नहाते समय शिवा गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए जगराम भी नदी में कूद गए। दोनों को तैरना नहीं आता था। हादसे में दोनों की डूबने से मौत हो गई। नाती को बचाने के लिए गहरे पानी में कूदे नाना परिजनों के मुताबिक, बुधवार दोपहर जगराम अपने नाती शिवा के साथ भैंसों को नहलाने सरयू नदी गए थे। नदी में नहाते समय अचानक पैर फिसलने से शिवा गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। नाती को बचाने के लिए जगराम भी बिना कुछ सोचे गहरे पानी में उतर गए। दोनों को तैरना नहीं आता था। कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में लापता हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश शुरू कराई गई। कड़ी मशक्कत के बाद मिले दोनों के शव कई घंटे की तलाश के बाद गुरुवार को दोनों के शव सरयू नदी से बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। एक ही चिता पर नाना-नाती को दी अंतिम विदाई क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव भी पीड़ित परिवार के साथ रहे। उन्होंने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया से लेकर शवों को गांव पहुंचाने में मदद की। विधायक की मौजूदगी में नाना जगराम और नाती शिवा का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। नाना-नाती की एक साथ अंतिम विदाई का दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। विधायक ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात भी कही।
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भैंस नहलाते समय सरयू में डूबे नाना और नाती:एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से गांव ने दी विदाई
