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नर्मदापुरम में कीचड़ में लेट-बैठकर ग्रामीणों का प्रदर्शन:हरकत में आया प्रशासन, सड़क के गड्ढे भरना किए शुरू




नर्मदापुरम में टिगरिया से आंवलीघाट को जोड़ने वाले नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की बदहाल सड़क के खिलाफ ग्रामीणों का दो दिन से धरना जारी है। बुधवार को शांतिपूर्ण धरना देने के बाद गुरुवार को ग्रामीण सड़क पर उतर आए। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर गड्ढों और कीचड़ के बीच बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग की। प्रदर्शन खत्म होते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला खनिज विभाग व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण ने सड़क के गड्ढे भरने और मरम्मत का काम शुरू कराया। गड्ढों में डाली जा रही छुरी, मिट्टी और गिट्टी सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। प्रदर्शन के बाद इन गड्ढों को भरने के लिए छुरी, मिट्टी और गिट्टी डालने का काम शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी सुधार है, जबकि वे सड़क के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। 2022 से शिकायत, चार साल बाद भी नहीं निकला स्थायी हल ग्रामीणों के मुताबिक नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की बदहाली को लेकर साल 2022 से लगातार शिकायतें और आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। पानी भरने और कीचड़ के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। धरना 9 सितंबर से जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि धरने के तीसरे दिन शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव से पैदल जिला मुख्यालय नर्मदापुरम के लिए निकलेंगे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर वे अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखेंगे। नवीनीकरण और चौड़ीकरण की मांग ग्रामीणों ने नानपा-कुल्हड़ा मार्ग का तत्काल नवीनीकरण और चौड़ीकरण कराने की मांग की है। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण, जलभराव की समस्या का समाधान, जर्जर हिस्सों का सुधार और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग रखी है। कुल्हड़ा निवासी राकेश गौर ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्रामीणों की मूलभूत सुविधा और अधिकार के लिए है। आंदोलन में महिलाएं, युवा, किसान और विद्यार्थी भी शामिल हुए। दूसरे दिन जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे दिन के प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण वे वर्षों से परेशानी झेल रहे हैं। अब उनकी मांग स्पष्ट है- आश्वासन नहीं, नानपा-कुल्हड़ा सड़क का स्थायी समाधान चाहिए।



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