Headlines

करनाल में पांच गांवों के पशुपालकों ने उठाई मांग:बोले सरकार 12 रुपए प्रति फैट बढ़ाए का दूध का रेट,गाय का 1 लाख और भैंस का 1.50 लाख हो बीमा




करनाल के नरूखेड़ी पंचायत घर में पशुपालकों की आज बैठक हुई। इसमें दूध के रेट को प्रति फैट 12 रुपए करने, गाय-भैंस के बीमा की सीमा बढ़ाने और गांव के पशु अस्पताल में डॉक्टर नियुक्त करने की मांग उठाई गई। पशुपालकों ने कहा कि तूड़ी, खल, बिनौला और चारे के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन दूध के रेट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे पशुपालकों के लिए पशुपालन करना मुश्किल हो रहा है।
पशुपालक अनिल नरवाल, जोगिंद्र, सुखविंद्र सिंह, परगट सिंह, गुरमीत सिंह और मनदीप सिंह समेत अन्य ने बताया कि दूध खरीदने वाले ठेकेदार भी अपनी मर्जी से रेट तय करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय और भैंस दोनों के दूध के लिए 12 रुपए प्रति फैट का रेट लागू किया जाए, ताकि पशुपालकों का खर्च पूरा हो सके।
बीमे को लेकर ये रखी मांग
पशुपालकों ने कहा कि मौजूदा समय में गाय और भैंसों की कीमत काफी बढ़ चुकी है। एक अच्छी गाय या भैंस खरीदने में लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं, जबकि बीमा की सीमा काफी कम है। वर्तमान में गाय का बीमा 60 हजार और भैंस का 90 हजार रुपए है। उन्होंने गाय का बीमा बढ़ाकर एक लाख और भैंस का 1.50 लाख रुपए करने की मांग की। जैणी, नरूखेड़ी, बड़ौता, जुंडला और बीड़ माजरा के लोगों ने बीमा राशि बढ़ाने की मांग का समर्थन किया। पशुपालकों ने कहा कि गांव के पशु अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि पशुओं के इलाज के लिए उन्हें परेशान न होना पड़े।
महाराष्ट्र की तर्ज पर इलाज की व्यवस्था हो
बैठक में महाराष्ट्र की तर्ज पर पशु चिकित्सक की फीस 100 रुपए निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। पशुपालकों ने कहा कि इसके अलावा इलाज से संबंधित बाकी खर्च सरकार वहन करे, ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार से मांग की अगर ये जायज मांगे सरकार उनकी नहीं मानती वो इन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों में बड़ा फैसला ले सकते है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *