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फतेहाबाद में परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटा सत्यापन को लेकर ग्राम सचिवों ने विरोध प्रदर्शन किया है। ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन, फतेहाबाद ने सरकार और प्रशासन के आदेशों पर असहमति जताते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) फतेहाबाद को एक मांगपत्र सौंपा। ग्राम सचिवों का कहना है कि परिवार पहचान पत्र के डेटा का सत्यापन केवल पूछताछ के आधार पर संभव नहीं है। गांव के सभी परिवारों के सदस्यों का विवरण, उनका व्यवसाय, संपत्ति का प्रकार और उनकी सही आय की मौके पर जाकर भौतिक जांच करना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है। ‘घर-घर जाकर सर्वे करने का नहीं समय’ ग्राम सचिवों ने साफ किया कि उनके पास पहले से ही ग्राम सभा और पंचायत के कई काम होते हैं। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए उनके पास न तो पर्याप्त समय है और न ही जरूरी संसाधन या स्टाफ। एसोसिएशन का तर्क है कि किसी भी परिवार की आय और संपत्ति के सत्यापन का अधिकार राजस्व विभाग के पास होता है। वहीं, भौतिक जांच की तकनीकी जानकारी CRID के कर्मचारियों को होती है। ऐसे में पूरा बोझ सिर्फ ग्राम सचिवों पर डालना गलत है। 5 अधिकारियों और कर्मचारियों की कमेटी बनाने की मांग पारदर्शिता बनाए रखने और भविष्य के किसी भी विवाद या गलती से बचने के लिए एसोसिएशन ने मांग की है कि हर गांव में संबंधित विभागों के कम से कम 5 अधिकारियों और कर्मचारियों की एक संयुक्त कमेटी बनाई जाए। यह कमेटी सर्वे करके सत्यापित डेटा ग्राम सभा के सामने रखे। ग्राम सचिव संघ ने इस ज्ञापन की कॉपियां विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक और नागरिक संसाधन सूचना विभाग के निदेशक को भी भेजी हैं। इस दौरान फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भूना और नागपुर ब्लॉक के सभी ग्राम सचिव और पदाधिकारी एकजुट नजर आए। सभी ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर प्रशासन से तुरंत समाधान निकालने की मांग की है।
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फतेहाबाद में ग्राम सचिवों ने PPP डेटा सत्यापन का विरोध:घर-घर जाकर सर्वे पर जताई असहमति, 5 सदस्यीय विभागीय कमेटी बनाने की मांग
