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शाजापुर में शुक्रवार को ‘धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन बचाओ मंच’, हिंदू जागरण मंच और सर्व हिंदू समाज ने एसडीएम मनीषा वास्कले को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें आगामी नवरात्रि पर्व के दौरान व्यावसायिक गरबा आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की गई है। संगठनों ने पहले दी गई अनुमतियां रद्द करने और नए आयोजनों को मंजूरी नहीं देने की बात कही। ज्ञापन में बताया गया कि नवरात्रि सिर्फ मनोरंजन का त्योहार नहीं है। यह मां शक्ति की आराधना, आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता से जुड़ा एक धार्मिक पर्व है। संगठनों का आरोप है कि कुछ व्यावसायिक आयोजनों में धार्मिक मान्यताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इनमें मनोरंजन, दिखावे और व्यापार को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे आयोजनों में फूहड़ प्रदर्शन, नशा और अनुशासनहीनता जैसी गतिविधियां हो सकती हैं। इससे युवा पीढ़ी पर गलत असर पड़ सकता है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक प्रेम सिंह राजपूत ने कहा कि ज्यादा भीड़ और बिना पहचान के लोगों के आने से असामाजिक तत्व मौजूद हो सकते हैं। इससे महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। पुरानी अनुमतियां रद्द करना की मांग ज्ञापन में मुख्य मांगें रखी गईं। इनमें नवरात्रि में व्यावसायिक गरबा आयोजनों को नई अनुमति न देना और पुरानी अनुमतियां रद्द करना शामिल है। यह भी कहा गया कि गरबा आयोजन को भक्ति और आस्था तक ही सीमित रखा जाए, इसे फैशन या तमाशे का रूप न दिया जाए। ज्ञापन देने वालों ने प्रशासन से संस्कृति और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हिंदू समाज अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
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व्यावसायिक गरबा आयोजनों पर रोक की मांग:धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन बचाओ मंच और हिंदू संगठनों ने SDM को सौंपा ज्ञापन
