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2027 की लड़ाई सामाजिक न्याय और बराबरी की होगी:संजय निषाद बोले- यूपी की राजनीति जाति-विचारधारा पर टिकी, संपन्न वर्ग दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ें




बाराबंकी में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे गोंडा से बाराबंकी पहुंचे। यहां शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उन्होंने मीडिया से बातचीत की। गोंडा में अपनी ही सरकार की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठने के बाद बाराबंकी में उनके तेवर 2027 के विधानसभा चुनाव और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर केंद्रित रहे। यूपी की राजनीति जाति और विचारधारा पर टिकी पत्रकारों ने उनसे 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर सवाल किया। इस पर डॉ. संजय निषाद ने कहा कि पूरी दुनिया विचारधारा से चलती है। उत्तर प्रदेश की राजनीति जाति और विचारधारा के इर्द-गिर्द घूमती है। जातियों के बीच गहरी खाई का किया जिक्र मंत्री ने कहा कि पिछले 5 हजार वर्षों से जातियों के साथ बहुत अन्याय हुआ है। कुछ जातियां सदियों तक जुल्म करती रहीं, जबकि कुछ जातियां चुपचाप अन्याय सहती रहीं। उन्होंने कहा कि जातियों के बीच एक गहरी खाई बनाई गई। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि शोषित लोगों से कहा गया कि यह जीवन नर्क है और कष्ट सहने के बाद अगले जन्म में स्वर्ग मिलेगा। दूसरी ओर शोषक वर्ग हर सुख भोगता रहा। आजादी की लड़ाई और संविधान का दिया उदाहरण जब उनसे पूछा गया कि क्या 2027 का चुनाव पूरी तरह जाति के आधार पर लड़ा जाएगा, तो उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि देश को आजाद कराने के समय सभी शोषित और वंचित जातियां एकजुट हुई थीं। सभी ने मिलकर अंग्रेजों को देश से बाहर किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान लिखा। संविधान में सामाजिक खाई को पाटने का संकल्प लिया गया। संपन्न वर्गों से दबे-कुचलों का साथ देने की अपील मंत्री ने कहा कि संविधान सामाजिक बराबरी और अधिकारों की बात करता है। जिन वर्गों ने लंबे समय तक देश के संसाधनों और धन-संपदा का लाभ उठाया, उनका नैतिक फर्ज है कि वे दबे-कुचले लोगों के हक की लड़ाई लड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मुख्यधारा में आगे बढ़ाने की जरूरत है। डॉ. संजय निषाद ने संकेत दिया कि 2027 की राजनीतिक लड़ाई में सामाजिक न्याय, बराबरी और संवैधानिक अधिकार बड़े मुद्दे होंगे। गोंडा में पुलिस कार्रवाई को लेकर जताई थी नाराजगी बाराबंकी पहुंचने से पहले डॉ. संजय निषाद गोंडा में धरने पर बैठे थे। उन्होंने बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर एसपी अभिषेक झा और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद वह शुक्रवार रात बाराबंकी पहुंचे।



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