.
नगर पंचायत पिपरिया और आसपास के 20 से ज्यादा गांवों के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का नया ढांचा तैयार होने जा रहा है। मंडी परिसर की एक एकड़ जमीन पर 2.50 करोड़ रुपए की लागत से दो मंजिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन बनाया जाएगा। 10 सितंबर को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसका भूमिपूजन किया।
निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) को दी गई है और भवन को एक साल में तैयार करने का लक्ष्य है। नए अस्पताल भवन में सेवाओं को अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थित किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर लेबर रूम और मेजर ऑपरेशन थिएटर रहेगा। इसके साथ पैथोलॉजी और एक्स-रे रूम भी इसी तल पर प्रस्तावित हैं। प्रसूति या गंभीर मरीजों को अस्पताल के भीतर जरूरी सेवाओं के लिए अलग-अलग मंजिलों पर भटकना नहीं पड़ेगा। डिलीवरी, सर्जरी और जांच से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्तर पर उपलब्ध रहेंगी।
पहली मंजिल पर कैजुअल्टी के साथ 5 ओपीडी रूम प्रस्तावित हैं। यहां पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा माइनर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की व्यवस्था रहेगी।
पिपरिया और आसपास के गांवों के मरीजों को वर्तमान में गंभीर या विशेष उपचार की जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल कवर्धा जाना पड़ता है। नए सीएचसी में प्रसूति, ऑपरेशन, जांच, ओपीडी और भर्ती जैसी सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय स्तर पर इलाज का दायरा बढ़ेगा। खासकर गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल मरीजों और जांच के लिए आने वाले ग्रामीणों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। अस्पताल शुरू होने के बाद स्वास्थ्य जरूरतों के लिए कवर्धा जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
