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नई दिल्ली4 मिनट पहले
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भारत ने S-400 डिफेंस सिस्टम रूस से खरीदे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने 314km की दूरी से पाकिस्तान के एक स्पेशल-मिशन विमान को मार गिराया था। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह भारत की ओर से सबसे लंबी दूरी के जमीन से हवा में किए गए हमलों में से एक है। इस कार्रवाई ने एयरफोर्स की लंबी दूरी की एयर डिफेंस क्षमता को दिखाया। इससे संदेश भी गया कि दुश्मन के विमान का ज्यादा दूरी पर होना उन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित नहीं रख सकता।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों के खिलाफ 7 से 10 मई तक ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारतीय सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर में S-400 से पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने की जानकारी दी गई।
पाकिस्तान पर एयरस्पेस खुला रखने का आरोप
रिपोर्ट में भारत ने आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने अपना नागरिक एयरस्पेस खुला रखा और सिविल फ्लाइट्स चलती रहीं। भारत के मुताबिक, उसकी कार्रवाई का मकसद अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को सुरक्षित रखना था।
भारत की सटीक सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने तनाव कम करने और दुश्मनी खत्म करने की अपील की।
रिपोर्ट में भारत की रणनीति को ‘सैन्य ताकत दिखाकर दबाव बनाना’ बताया गया है। यानी इतनी सैन्य ताकत दिखाना कि सामने वाला देश अपनी कार्रवाई रोकने या अपना रुख बदलने के लिए मजबूर हो जाए।
S-400 ने खतरे को ट्रैक किया
रिपोर्ट के मुताबिक, S-400 ने पाकिस्तानी विमान के खतरे को ट्रैक किया। इसके बाद लंबी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल को टारगेट की ओर गाइड किया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह S-400 की क्षमता दिखाता है, जो काफी दूर मौजूद लक्ष्यों को भी निशाना बना सकता है।
IACCS ने संभाला एयर डिफेंस
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने देश की हवाई सुरक्षा संभाली। एयर डिफेंस को IACCS के जरिए कंट्रोल और कोऑर्डिनेट किया गया।
IACCS ने सैन्य और नागरिक रडार से मिली जानकारी को एक साथ जोड़ा। इससे आसमान में मौजूद विमानों और दूसरे लक्ष्यों की पहचान करना आसान हुआ।
एयरफोर्स के नेटवर्क सिस्टम और प्रशिक्षित अधिकारियों ने सैन्य और नागरिक विमानों में अंतर करने में मदद की। इससे किसी सिविल विमान को गलती से निशाना बनाए जाने का खतरा कम हुआ।
S-400 डिफेंस सिस्टम क्या है?
S-400 ट्रायम्फ रूस का एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है।
यह हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है।

कहां तैनात हैं एस-400?
एस-400 की एक स्क्वाड्रन में 256 मिसाइल होती हैं। भारत के पास इस वक्त 3 स्क्वाड्रन हैं, जिन्हें अलग-अलग तरफ की सीमाओं पर तैनात किया गया है।
पहली स्क्वाड्रन – पंजाब में तैनात की गई है। भारत को पहली 2021 में रूस ने पहली स्क्वाड्रन सौंपी थी। यह पाकिस्तान और चीन दोनों की ओर से आने वाले खतरों को रोकने के लिए है।
दूसरी स्क्वाड्रन – सिक्किम (चीन सीमा) में तैनात है। भारत को यह खेप जुलाई 2022 में मिली थी। यहां से चिकन नेक पर भी निगरानी रखी जाती है।
तीसरी स्क्वाड्रन- राजस्थान-गुजरात या पंजाब/राजस्थान सीमा पर तैनात है। भारत को यह खेप फरवरी 2023 में मिली। इस स्क्वाड्रन से पश्चिमी सीमा की सुरक्षा मजबूत होती है।

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